मध्य प्रदेशराज्‍य

‘मैं घोर सनातनी हूं…’ बयान से गरमाई राजनीति, दिग्विजय सिंह और उषा ठाकुर के बीच तीखी बहस वायरल

By Admin|17 May 2026, 9:31 AM
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 इंदौर

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"मैं घोषणा करता आया हूं और आज फिर कह रहा हूं कि मैं घोर सनातन धर्म का मानने वाला हूं।" पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने न सिर्फ यह कहा बल्कि भाजपा विधायक उषा ठाकुर को यह भी कह दिया कि मेरे कहने के बाद ही आपने सनातन धर्म को स्वीकार किया, पहले आप हिंदू-हिंदू धर्म करती थीं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भाजपा विधायक उषा ठाकुर शनिवार को इंदौर में एक-दूसरे से मिले। इस बीच धर्म पर चर्चा छिड़ी और उनके संवाद का वीडियो शनिवार को वायरल हो गया।

दिग्विजय-उषा ठाकुर की मुलाकात

शुक्रवार देर रात कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह इंदौर पहुंचे थे। रेसीडेंसी कोठी में ठहरे सिंह शनिवार सुबह जब निकल रहे थे तो परिसर में उनकी मुलाकात भाजपा विधायक उषा ठाकुर से हुई। औपचारिक मुलाकात के दौरान उषा ठाकुर ने दिग्विजय सिंह का स्वागत करते हुए उन्हें “बड़े भाई” कहकर पुकारा।

इसके बाद दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैं घोर सनातन को मानने वाला हूं, मेरे कहने के बाद आपने सनातन कहना शुरू किया।" इस पर उषा ठाकुर ने जवाब दिया, “हम अनादि काल से सनातनी हैं।” दिग्विजय सिंह ने कहा, “अनादि काल से सनातनी तो तुम हो, हम क्या दुश्मन हैं उसके।”

नर्मदा परिक्रमा, एकादशी व्रत और भोजशाला फैसले पर चर्चा

बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने उषा ठाकुर से पूछा, “तुमने नर्मदा परिक्रमा की है क्या?” इस पर उषा ठाकुर ने कहा, “नहीं करी।” फिर दिग्विजय ने पूछा, “एकादशी का व्रत करती हो क्या?” उषा ठाकुर ने जवाब में कहा, “आप व्यक्तिगत रूप से तो पक्के सनातनी हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार नहीं करते।” इस पर दिग्विजय सिंह ने तुरंत कहा, “मैं सार्वजनिक रूप से ही तो कह रहा हूं, अब और कैसे सार्वजनिक करूं? मैं सही सनातनी हूं।”

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बातचीत के दौरान उषा ठाकुर ने हाई कोर्ट के भोजशाला फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि सिंह को फैसले का सम्मान करना चाहिए। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा, “तूने कैसे मान लिया कि मैंने विरोध किया?” उषा ठाकुर ने कहा, “अब ये किसी ने बोला…” तो दिग्विजय सिंह मुस्कुराते हुए बोले, “किसी ने बोला…!” दोनों नेताओं के बीच यह संवाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

एक व्यक्ति एक पद की पैरवी

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के पास संगठन का पद है और निगम में नेता प्रतिपक्ष का भी। दिग्विजय सिंह ने एक व्यक्ति एक पद की बात छेड़ते हुए किसी एक पद को त्यागने की सलाह कांग्रेसियों के बीच दे दी। दरअसल दोपहर में भोजन के लिए सिंह पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्डा के घर पहुंचे थे।

वहां उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी व संगठन के अन्य जिम्मेदारों को भी एक व्यक्ति एक पद की नीति लागू करने का सुझाव दिया है, क्योंकि दो पदों की जिम्मेदारी पर कोई भी व्यक्ति एक साथ न्याय नहीं कर सकता। दिग्विजय सिंह ने जब यह बात कही उस दौरान शहर के तमाम कांग्रेसी भी उनके साथ मौजूद थे।

 

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