छत्तीसगढ़रायपुर जिला

CG : पगडंडी से पक्की सड़क तक पहुंचा अबुझमाड़ …

By kadwaghut|14 Aug 2026, 12:33 PM
f X W

रायपुर: कभी दुर्गम पहाड़ियों, घने जंगलों और नक्सल खौफ के बीच संकरी पगडंडियों तक सिमटा अबुझमाड़ अब विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बदलाव की एक नई इबारत लिख रहा है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) की बदौलत दशकों का अंधेरा छंट रहा है और सुदूर जनजातीय अंचलों में नई उम्मीदों की बयार बहने लगी है। 299.60 लाख रुपए की लागत से बदली 3.20 किलोमीटर की तस्वीर​नारायणपुर जिले के अत्यंत संवेदनशील एवं अति-दुर्गम अबुझमाड़ क्षेत्र में झारावाही से हत्लानार तक 3.200 किलोमीटर लंबी सर्वकालिक पक्की सड़क का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 299.60 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से इस परियोजना को धरातल पर उतारा गया।

Advertisement
Advertisement

नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण जहाँ कभी बुनियादी निर्माण कार्यों की कल्पना भी एक बड़ी चुनौती थी, वहीं अब इस पक्की सड़क के बनने से वर्षों से कटे हुए अंदरूनी गाँवों को मुख्य मार्ग से सुरक्षित और सुगम संपर्क मिल गया है।​पगडंडी का कठिन सफर बना सुगम और सुरक्षित​ सड़क निर्माण से पहले ग्रामीणों के पास आवागमन का एकमात्र सहारा संकरी पगडंडियाँ ही थीं। मानसून के दिनों में ये रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो जाते थे, जिससे जनजीवन ठहर सा जाता था।अब एम्बुलेंस और शासकीय वाहन सीधे गाँव तक पहुँच रहे हैं, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर इलाज मिलना संभव हो सका है। मार्ग सुगम होने से शिक्षकों और विद्यार्थियों की स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो रही है।

सड़क बनने के बाद जीवन बेहद आसान प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार अब तेजी से हो रहा है।स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच का कहना है कि ​पहले बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना या मरीजों को खाट पर लादकर ले जाना ही एकमात्र रास्ता था। सड़क बनने के बाद अब गाँव तक गाड़ियाँ आ रही हैं और हमारा जीवन बेहद आसान हो गया है।​आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला बल

READ ALSO  नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत

यह सड़क केवल एक रास्ता भर नहीं है, बल्कि इसने स्थानीय आदिवासियों की आर्थिक आत्मनिर्भरता के द्वार भी खोल दिए हैं। किसान अब अपनी कृषि उपज को बिना किसी बाधा के मुख्य मंडियों तक पहुँचा पा रहे हैं। बाजार से सीधे जुड़ाव के कारण ग्रामीणों को उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है, जिससे आय और आजीविका के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। अवसरों और लोगों के बीच मिटती दूरी​पीएम जनमन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से निर्मित झारावाही-हत्लानार मार्ग इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब सरकार की नीतियां दुर्गम अंचलों तक पहुँचती हैं, तो वे केवल भौगोलिक दूरी ही कम नहीं करतीं—बल्कि लोगों, अवसरों और खुशहाली के बीच की दूरी को भी हमेशा के लिए मिटा देती हैं।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins