मध्य प्रदेश

देश में सबसे ज्यादा 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां उत्तर प्रदेश में

By Admin|23 Mar 2026, 6:32 PM
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नव निर्माण के 9 वर्ष: एमएसएमई क्षेत्र में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक को रोजगार

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योगी सरकार की नीतियों ने खोली युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह 

देश में सबसे ज्यादा 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां उत्तर प्रदेश में

15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के धरातल पर आने से सृजित हुए 60 लाख रोजगार के अवसर

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यूपी सरकार ने गत 9 वर्षों में युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह प्रशस्त की है। इसके लिए सीएम युवा जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को मजबूत किया गया, जिसका परिणाम यह है कि आज यह सेक्टर न सिर्फ अधिकाधिक युवाओं को रोजगार दे रहा है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की धुरी भी बना है। इसके अतिरिक्त राज्य में निवेश आमंत्रण के लिए योगी सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों ने भी युवाओं के लिए रोजगार के लाखों अवसर सुनिश्चित किए हैं।

योगी सरकार की उद्योग समर्थित नीतियों का असर है कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनसे 1 करोड़ 10 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार और सेवायोजन के अवसर सृजित होने की संभावना बनी है। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं, जिनसे करीब 60 लाख रोजगार के अवसर तैयार हुए हैं। बड़े पैमाने पर निवेश आने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिसका सीधा लाभ युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है। निवेश के साथ उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

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एमएसएमई बना रोजगार का मजबूत आधार
प्रदेश में सूक्ष्म लघु और मध्यम (एमएसएमई) उद्यम क्षेत्र रोजगार सृजन का एक मजबूत आधार बनकर उभरा है। वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं जो देश में सर्वाधिक हैं। एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से प्रदेश में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। सरकार द्वारा इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने जैसे कई कदम उठाए गए हैं। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) योजना को एमएसएमई से जोड़ने से छोटे उद्योगों को विस्तार मिला, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

स्वरोजगार योजनाओं से युवाओं को नई दिशा
युवाओं को रोजगार देने के साथ साथ उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अब तक 38 हजार से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया गया है और 1097.10 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी वितरित की गई है। इसी तरह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 32,936 लाभार्थियों को 1105.49 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी दी गई, जिससे 2 लाख 63 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 4 लाख 20 हजार से अधिक कारीगरों और पारंपरिक श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है, जिससे उन्हें अपना हुनर आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

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