मध्य प्रदेश

शिक्षक शिक्षा में बड़ा परिवर्तन, 2030 तक B.Ed कॉलेज बंद होंगे, सरकार का अल्टीमेटम जारी

By Admin|22 Mar 2026, 9:01 AM
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भोपाल 

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शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने वाला है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनईपी) की नई गाइडलाइन के मुताबिक 2030 तक सभी स्टैंडअलोन बीएड कॉलेजों (B.Ed Colleges) को मल्टीडिसिप्लिनरी संस्थानों में बदलना अनिवार्य होगा। यानी अब सिर्फ बीएड या एमएड पढ़ाने वाले कॉलेजों को बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे कोर्स भी शुरू करने होंगे।

इसके साथ ही 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड टोचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) को प्राथमिकता दी जा रही है। गाइडलाइन के बाद बीयू ने ऐसे कॉलेजों की पहचान शुरू कर दी है, जहां केवल बीएड और एमएड कोर्स संचालित हो रहे है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि नए कोर्स शुरू करने से पहले इन संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा और उनकी आधारभूत सुविधाओं का मूल्यांकन होगा।
40 प्रतिशत कॉलेजों पर सीधा असर

मध्य प्रदेश में करीब 650 बीएड कॉलेज हैं। जिनमें लगभग 40 प्रतिशत केवल शिक्षक प्रशिक्षण पर आधारित हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ये कॉलेज अकेले बीएड कोर्स नहीं चला सकेंगे। उन्हें या तो पास के मल्टीडिसिप्लिनरी कॉलेज में 3 से 10 किलोमीटर के दायरे में मर्ज होना पड़ेगा या फिर बंद होने की नौबत आ सकती है।

जगह और संसाधनों की बड़ी चुनौती
निजी कॉलेज संचालकों का कहना है कि वे गाइडलाइन का पालन करेंगे, लेकिन सबसे बड़ी समस्या इंफ्रास्ट्रक्चर की है। नए कोर्स शुरू करने के लिए अतिरिक्त क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी और फैकल्टी की जरूरत होगी। खासतौर पर शहरों के बीच स्थित छोटे कैंपस वाले कॉलेजों के लिए यह चुनौती और कठिन है।

15 करोड़ से 200 छात्रों को आवासीय सुविधा
भोपाल. राजधानी के आयुर्वेद व होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालयों के छात्रों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। लंबे समय से छात्रावास की मांग कर रहे विद्यार्थियों के लिए आयुष विभाग ने 15 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए है, जिससे 200 छात्रों को रहने की सुविधा मिलेगी।

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लंबे समय से थी मांग
महाविद्यालयों में सीटें बढ़ीं, लेकिन छात्रावास नहीं बने। छात्र छात्राएं पिछले 3 साल से लगातार मांग कर रहे थे। पिछले वर्ष राशि नहीं मिलने से योजना अटक गई थी। बॉयज हॉस्टल नहीं होने से छात्रों को मिसरौद में किराये के भवन में रखा गया है। आवागमन के लिए बस चलाई जा रही है, जिस पर हर महीने 4 लाख रुपए खर्च हो रहे है।

दोनो महाविद्यालयों में बनेंगे छात्रावास
आयुष विभाग द्वारा संचालित, पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद संस्थान व शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में 100-100 सीट के छात्रावास बनाए जाएंगे। महाविद्यालय के प्राचार्य डा. एसके मिश्रा ने बताया, जमीन का चयन व नक्शा तैयार हो चुका है। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा किया जाएगा।

नई शिक्षा नीति का बड़ा कदम
बीयू के रजिस्ट्रार एसबी सिंह का कहना है कि नई गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत किया जा रहा है. जिसका उद्देश्य शिक्षक शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, समग्र और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।

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