मध्य प्रदेश

प्रदेश के 42 जिलों में ओलावृष्टि और बारिश से फसलें बर्बाद, 14 जिलों में आज भी खतरे का अलर्ट

By Admin|21 Mar 2026, 3:06 PM
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भोपाल
 मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली है कि हालात चिंताजनक बन गए हैं। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार पिछले 72 घंटों से सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण पूरे प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज़ आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 42 जिलों में इसका असर साफ देखने को मिला है।

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शुक्रवार को कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में पारा अचानक 23.9°C तक पहुंच गया, जो एक ही दिन में 10.6 डिग्री की गिरावट दर्शाता है। मौसम में इस बदलाव ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन नुकसान कहीं ज्यादा हुआ।

सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं, केला, पपीता और संतरे जैसी तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

तेज आंधी ने बढ़ाई तबाही
बारिश के साथ चली तेज आंधी ने हालात और खराब कर दिए। आगर-मालवा में 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि सीहोर में 54 किमी और नरसिंहपुर में 46 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण फसलें टूटकर गिर गईं और खेतों में पानी भर गया।

धार और खरगोन में सबसे ज्यादा नुकसान
धार जिले के मनावर क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश से केले और पपीते की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। एक किसान के करीब 2 हजार केले के पेड़ गिर गए, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ। वहीं खरगोन में तेज हवा से मक्का की फसल चौपट हो गई। किसानों का कहना है कि फसल तैयार थी, लेकिन मौसम ने पूरी मेहनत बर्बाद कर दी।

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 रायसेन में हाईवे पर बर्फ जैसी चादर
रायसेन जिले में ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि नेशनल हाईवे पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई। सड़क पर जमी ओलों की चादर ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि यह नजारा देखने लायक था, लेकिन किसानों के लिए यह भारी नुकसान का संकेत बन गया।

तापमान में गिरावट, ठंड का अहसास
बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी 12.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं इंदौर में 15 डिग्री और भोपाल में 16.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की कमी आई है।

 किसानों पर संकट, मुआवजे की मांग तेज
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। खड़ी और कटी दोनों फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ गया है। कई किसान कर्ज में डूबने की आशंका जता रहे हैं और सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

 आगे भी ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों की चिंता अभी कम होती नजर नहीं आ रही है।

IMD ने शनिवार को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जैसे जिले शामिल हैं, जहां तेज़ आंधी और बारिश का खतरा बना हुआ है।

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और 22 मार्च (रविवार) से प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। तब तक लोगों को सतर्क रहने और किसानों को अपनी बची फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में करीब 70 स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है, जबकि 11 जिलों में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। अचानक बदले इस मौसम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति के आगे सभी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं।

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