छत्तीसगढ़रायपुर जिला

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत के चन्ड्र जी रात आनंद मेलो में हुए शामिल, सिंधी समाज की एकजुटता को बताया सराहनीय

By Manish Kumar|16 Mar 2026, 4:47 PM
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15 मार्च 2026 को राजधानी रायपुर के BTI मैदान शंकरनगर में एक भव्य और ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजन सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित सिंधीयत जो मेलो में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सिंधी समाज की एकजुटता और उनकी संघर्षशील परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि सिंधी समाज ने देश के इतिहास के सबसे कठिन दौर विभाजन की विभीषिका का सामना किया है। इसके बावजूद इस समाज ने व्यापार और उद्यम के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर देश की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह आयोजन सिंधी समाज के प्रमुख पर्व चेट्रीचंड्र महोत्सव के उपलक्ष्य में किया गया था और इसमें रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ से हजारों सिंधी समाज के लोगों ने भाग लिया।

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17 वर्षों की परंपरा: BTI मैदान में हर साल सजता है यह मेला

सिंधी समाज के चैत्र मास में आने वाले प्रमुख पर्व चेट्रीचंड्र महोत्सव के शुभ अवसर पर पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत का यह सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन 15 मार्च को BTI ग्राउंड शंकरनगर में किया गया। यह कार्यक्रम पूर्व में भी चंड्र जी रात के नाम से विगत 17 वर्षों से BTI ग्राउंड शंकरनगर में ही किया जाता रहा है और रायपुर वासियों में इसके प्रति विशिष्ट उत्सुकता रहती है। यह कार्यक्रम केवल एक मेला नहीं बल्कि सिंधी समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और एकता का जीवंत प्रतीक बन चुका है। यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ी को सिंधु घाटी सभ्यता एवं सिंधी संस्कृति की जानकारी देने और महिलाओं की भागीदारी तय करने तथा युवा वर्ग को समर्पित इतिहास रचने वाला आयोजन है। इसमें 20,000 युवा, महिला और वरिष्ठ लोगों के शिरकत करने की उम्मीद थी।

मुख्यमंत्री का संदेश: समाज की एकता से राष्ट्र होता है सशक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज को एकजुट होने का अवसर मिलता है। जब समाज संगठित और मज़बूत होता है तो राष्ट्र भी सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की एकजुटता वास्तव में सराहनीय है और इस प्रकार के मेलों का सबसे बड़ा उद्देश्य यही होता है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे। इस मेले में युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल सिंधी समाज बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणादायक विचार था।

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विभाजन की पीड़ा से उद्यम की ऊँचाई तक: मुख्यमंत्री ने की सराहना

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विभाजन के समय सिंधी समाज के अनेक परिवारों को अपनी पुश्तैनी संपत्ति और घर-बार छोड़ना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने आराध्य के प्रति अटूट आस्था और परिश्रम के बल पर उन्होंने नई शुरुआत की और आज सिंधी समाज विकास के नए-नए सोपान रच रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज का यह जुझारूपन और आत्मविश्वास पूरे समाज के लिए प्रेरणास्पद है और इसके लिए समाज के सभी सदस्य प्रशंसा के पात्र हैं। मुख्यमंत्री के इन शब्दों ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से भावुक किया और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मैदान गूंज उठा।

देश के कोने-कोने में फैला है सिंधी समाज का परचम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज सिंधी समाज के लोग देश के कोने-कोने में बसे हुए हैं और अपनी मेहनत, लगन तथा उद्यमशीलता के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने छोटे-छोटे व्यवसाय से शुरुआत कर अपने कार्य को ऊँचाइयों तक पहुँचाया है जो उनके परिश्रम और दूरदर्शिता का परिचायक है। सिंधी समाज ने 1947 के विभाजन के बाद खाली हाथ नई भूमि पर पैर रखा और अपनी लगन तथा परिश्रम से पूरे देश में व्यापार और उद्यम की नई कहानियाँ लिखीं। छत्तीसगढ़ में भी सिंधी समाज ने व्यापार, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

गौधाम योजना का शुभारंभ: मेले में मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में आज से प्रारंभ की गई गौधाम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में गौधाम स्थापित किए गए हैं। इन गौधामों के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी। यहाँ पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, काऊ कैचर, दवाइयाँ तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और हम उनका पूजन करते हैं। गाय से प्राप्त पंचगव्य को अमृत के समान माना गया है जो हमारे धार्मिक और सामाजिक जीवन में विशेष महत्व रखता है। यह घोषणा उपस्थित जनसमूह ने बड़े उत्साह के साथ सुनी।

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चेट्रीचंड्र की अग्रिम बधाई: मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की। चेट्रीचंड्र सिंधी समाज का सबसे बड़ा और सबसे पवित्र पर्व है जो संत झूलेलाल के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व पर सिंधी समाज के लोग एकत्र होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हैं। मुख्यमंत्री की इस शुभकामना ने उपस्थित समाजबंधुओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता का संचार किया।

कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने भी की सिंधी समाज की तारीफ

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सिंधी समाज अत्यंत मेहनतकश समाज है। उन्होंने समाज द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं। मंत्री कश्यप ने सिंधी समाज के युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी पुरानी परंपराओं और भाषा को जीवित रखें और अगली पीढ़ी तक पहुँचाएं। उनके इस संदेश ने उपस्थित युवाओं पर विशेष प्रभाव डाला।

कार्यक्रम में उपस्थित रहे ये गणमान्य जन

इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोती लाल साहू, धमतरी महापौर रामू रोहरा, पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत के अध्यक्ष महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम की विशिष्टता के बारे में प्रवक्ता दिनेश आनंद अठवानी एवं पवन प्रीतवानी ने बताया कि संत सानिध्य के साथ-साथ मुख्यमंत्री समाज को संदेश देंगे। यह आयोजन युवा वर्ग और महिलाओं को समर्पित रहेगा। इस भव्य आयोजन में रायपुर के अलावा दुर्ग, बिलासपुर, भिलाई और अन्य जिलों से भी सिंधी समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुँचे और कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में अपना योगदान दिया।

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चेट्रीचंड्र क्या है: सिंधी समाज का सबसे बड़ा उत्सव

चेट्रीचंड्र सिंधी समाज का सर्वोच्च धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। यह हर वर्ष चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है और इस वर्ष यह 30 मार्च 2026 को पड़ रहा है। सिंधी परंपरा में यह दिन इष्टदेव झूलेलाल के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है जो सिंधी समाज के परमपिता माने जाते हैं। यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ी को सिंधु घाटी सभ्यता एवं सिंधी संस्कृति की जानकारी देने के लिए आयोजित किया जाता है। चेट्रीचंड्र के अवसर पर पूरे देश में सिंधी समाज नदियों के किनारे एकत्र होकर झूलेलाल की पूजा करता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है।

विश्लेषण तालिका: कार्यक्रम की प्रमुख बातें

विषयविवरण
मुख्यमंत्री का मुख्य संदेशसमाज की एकता से राष्ट्र सशक्त बनता है
सिंधी समाज की विशेषताविभाजन के बाद भी हार नहीं मानी
युवाओं से अपीलसंस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहें
गौधाम योजनापूरे प्रदेश में गौधाम स्थापित
चेट्रीचंड्र 202630 मार्च 2026 को मनाया जाएगा
17 वर्ष की परंपराBTI मैदान में लगातार आयोजन
भागीदारी20,000 से अधिक लोग
प्रदर्शनीसिंधी संस्कृति पर आधारित स्टॉल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का इस आयोजन में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की हर जाति, धर्म और समाज की संस्कृति का सम्मान करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंधी समाज की एकजुटता वास्तव में सराहनीय है और इस प्रकार के मेलों का सबसे बड़ा उद्देश्य यही होता है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे। यह कार्यक्रम सिंधी समाज और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच के गहरे और आत्मीय संबंधों को और मज़बूत करने वाला साबित हुआ। चन्ड्र जी रात का यह आनंद मेलो एक बार फिर सिद्ध कर गया कि सिंधी समाज की जड़ें जितनी गहरी हैं, उनकी डालियाँ उतनी ही ऊँची और विस्तृत हैं।

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