मध्य प्रदेश

राज्यपाल की राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के अध्ययनरत अधिकारियों से सौजन्य भेंट

By Admin|15 Mar 2026, 8:31 PM
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भोपाल 

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अध्ययन भ्रमण आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और संसाधन प्रबंधन के विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने का अवसर होता है। अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे भ्रमण के दौरान समझने और सीखने का प्रयास करें। प्रतिदिन भ्रमण के अंत में दिनभर की गतिविधियों और अनुभवों का चिंतन करें। भ्रमण टीप का अभिलेखन करें।

राज्यपाल  पटेल रविवार को लोकभवन में आयोजित राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली में अध्ययनरत वरिष्ठ सैन्य एवं सिविल अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। दल 15 से 21 मार्च तक मध्यप्रदेश के अध्ययन भ्रमण आया है। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि भ्रमण नये अनुभवों, सामाजिक विशिष्टताओं, आध्यात्मिक आस्था और विकास के विभिन्न आयामों को देखने और उनसे प्रेरणा प्राप्त करने का सुअवसर होता है। विगत दिनों बौद्ध अवशेषों को कोलंबो, लंका से वापस भारत लाने की उनकी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि लंका में 7 दिवस की अवधि के लिए प्रदर्शित पवित्र अवशेषों का 14 लाख लोगों ने दर्शन किया। प्रदर्शन के आखिरी दिन सारी रात लाखोंश्रद्धालुओं ने लाइन लगाकर दर्शन किए। आस्था के प्रति समर्पण और आध्यात्मिकता का उनके लिए यह अद्भुत अनुभव रहा है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भारत में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सामरिक क्षेत्रों में आई क्रांतिकारी प्रगति, वास्तव में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विराट स्वरूप को समझने का सुअवसर है।जरूरी है कि आप प्रशासनिक ढांचे, विकास योजनाओं तथा सामाजिक-आर्थिक प्रगति के विभिन्न आयामों को नजदीक से देखे उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों, की महत्ता का अनुभव करें।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य की धरती आदिम सभ्यता, प्राचीन भारत की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप है।यहां कि विश्व धरोहर सांची स्तूप, भीमबेटका और खजुराहों, उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसे पवित्र स्थल हमारे गौरवशाली इतिहास के साक्षी है। भ्रमण अवसर पर ग्रामीण विकास, शहरी प्रबंधन, पर्यटन संवर्धन तथा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के मॉडल में जन सहभागिता की भूमिका और महत्व को भी जानने का प्रयास करें। उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों में बड़े आयोजनों में प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और औद्योगिक विकास के मॉडल का गहन अध्ययन जरूर करें।कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल को प्रशासन अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने भ्रमण दल के प्रमुख मेजर जनरल पवन पाल सिंह को गोंड कला की पेटिंग भेंट की।

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आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक  मुजीबुर्रहमान खान ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में 47 सप्ताह के पाठ्यक्रम में भाग लेने वाले अधिकारियों में से 16 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल प्रदेश प्रवास पर आया है।उन्होंने बताया कि अध्ययन दल प्रदेश के विभिन्न स्थानों का भ्रमण करेगा। उनको राज्य के आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, स्थलों औद्योगिक प्रगति, विभिन्न नवाचारों और प्रबंधकीय व्यवस्थाओं से रू-ब-रू कराया जाएगा।

कोमोडोर सुमीत शिदौरे ने महाविद्यालय द्वारा संचालित प्रशिक्षण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में प्रशिक्षण में 122 अधिकारी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण को 6 मॉड्यूल में संयोजित किया गया है। अध्ययन भ्रमण के लिए प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों के 8 बैच बनाकर देश के अलग-अलग राज्यों में भेजे गए हैं।

आभार प्रदर्शन प्रशिक्षण संचालक डॉ. अनुपमा रावत ने किया। इस अवसर पर उप सचिव  सुनील दुबे एवं लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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