छत्तीसगढ़

सशक्त परिकल्पना एवं उपलब्धि की पहचान हैं इन्द्रा सेंगर

By Admin|11 Mar 2026, 6:26 PM
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कोरिया

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उक्ताशय के विचार  संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान मनेन्द्रगढ़ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर संबोधन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में संस्था अध्यक्ष  अनिल जैन ने व्यक्त किये उन्होंने कहा कि  इन्द्रा सेंगर मनेन्द्रगढ़ अंचल में  सशक्त परिकल्पना एवं स्वावलंबन की प्रतीक है। आज संबोधन के मंच से उनका सम्मान एक सशक्त प्रतिभा का सम्मान है उनके द्वारा संचालित विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल की परिकल्पना ने आज मनेन्द्रगढ़ को अंग्रेजी माध्यम के कई स्कूलों को स्थापना की  प्रेरणा दी है। यह उनकी उपलब्धि है कि इस विद्यालय के विद्यार्थी विगत तीन वर्षों से लगातार छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षाओं में टाप 10 प्रावीण्य सूची में स्थान पाने में सफल रहे हैं जिससे केवल विद्यालय ही नहीं मनेंद्रगढ़ नगर भी छत्तीसगढ़ में गौरवान्वित हुआ है। इंदिरा सेंगर का परिचय देते हुए विचार मंच विभागाध्यक्ष बीरेन्द्र वास्तव ने बताया कि वर्ष 1984 मैं प्रथम अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय स्थापना की सोच  इन्द्रा सेंगर की दूरदृष्टि का परिचायक है। उन्हें मालूम था कि नगर के विकास के साथ-साथ छात्रों को के विकास के लिए अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय आवश्यक है। यही कारण है कि विद्यालय की 42 वर्षों की सतत यात्रा और आज 85 वर्ष की उम्र में भी उनकी सोच और प्रेरणा ने मनेंद्रगढ़ को छत्तीसगढ़ के गिने चुने शिक्षा  केंद्र के रूप में पहचान दिलाई है। साहित्य शिक्षा और कलात्मक क्षेत्र में कलाकारों और साहित्यकारों को आगे बढ़ाने का संबल दिया है। शिक्षा और साहित्य विकास के क्षेत्र में 48 वर्षों की यह संस्था संबोधन आज उन्हें सम्मानित करते हुए गर्व का अनुभव महसूस करती है। निदान सभागार में आयोजित संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित  कार्यक्रम में उपस्थित विद्वान साहित्यकार कलाकार एवं पत्रकारों की उपस्थिति  में  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्रवण कुमार उर्मलिया जी  सहित  उपस्थित  महिला साहित्यकार  वर्षा वास्तव,  सुषमा वास्तव, एवं  ज्योति वास्तव,  द्वारा अंग वस्त्र, एवं शिक्षा का प्रतीक कलम, प्रदान कर  "संबोधन अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मान 2026" का  सम्मान पत्र   उपस्थित साहित्यकारों के द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर अभिभूत  इंद्रा सेंगर ने खुशी व्यक्त करते हुए संबोधन संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया और इस संस्था को आगे भी इस तरह के आयोजन की शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम के दूसरे चरण में रंग पंचमी के अवसर पर संबोधन एवं वनमाली सृजन केंद्र मनेंद्रगढ़ द्वारा आयोजित "होली के रंग गीतों के संग" कार्यक्रम मै गायक कलाकार नरोत्तम शर्मा, शैलेश जैन, एवं गौतम शर्मा ने अपने गीतों की प्रस्तुति के साथ होली और रंगों का आवाहन किया।  साहित्यकार राजेश जैन ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए होली की चुटीली बानगी के साथ पहले साहित्यकार श्याम सुंदर निगम को आमंत्रित किया। इस अवसर पर विद्वान साहित्यकार श्रवण कुमार उरमालिया, वरिष्ठ साहित्यकार बीरेन्द्र वास्तव, कल्याणचंद केसरी, सतीश उपाध्याय, पुष्कर तिवारी,  सुषमा वास्तव,  ज्योति वास्तव, एवं वरिष्ठ

साहित्यकार बीरेन्द्र वास्तव, प्रमोद  बंसल, की कविताओं ने होली के माहौल को शब्दों और गीतों में प्रस्तुत कर समां बांध दिया। देर शाम तक चलते इस कार्यक्रम में विद्वान प्राचार्य जसपाल सिंह, संजय सेंगर,  राजकुमार पांडे,  सहित संस्थापक सदस्य निरंजन मित्तल, प्रमोद बंसल, साहित्यकार विजय गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता परमेश्वर सिंह, डॉ निशांत वास्तव एवं पत्रकार  विनय पांडे एवं राजेश सिन्हा की उपस्थिति एवं उद्बोधन ने कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान की।
                                                          

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