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मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले, जल संरक्षण के लिए सभी की सहभागिता जरूरी, सबको जोड़ें

By Admin|22 Apr 2026, 8:05 PM
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जल संरक्षण में सभी की सहभागिता हो, सबको जोड़ें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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पानी बचाने में मध्यप्रदेश है देश में तीसरे स्थान पर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से की चर्चा
सरकार की उपलब्धियों की दी जानकारी

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल बचाने में समाज की भागीदारी जरूरी है, इसीलिये प्रदेश में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान से सब जुड़े, सभी अपना सहयोग दें, हम सबको मिल-जुलकर यह करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी बचाना हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। हम सालों से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के जरिए जल संरक्षण को जल आंदोलन का रुप दिया जा रहा है। यह अभियान की सफलता ही है कि हमारा मध्यप्रदेश जल संचयन के मामले में नेशनल रैंकिंग में तीसरे स्थान पर आया है। प्रदेश में जल संरक्षण के लिए लगभग 6 हजार 278 करोड़ का वित्तीय लक्ष्य तय किया गया है। विभिन्न श्रेणियों के कुल 2.44 लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य चिन्हित कर करीब 6 हजार 236 करोड़ रुपये की लागत से जल विकास-निकास एवं विस्तार कार्य कराये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक चर्चा में यह जानकारी देकर सभी को अपने प्रभार के जिलों में इस अभियान की नियमित समीक्षा करने तथा जल संचायन के लिए आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बीते सप्ताह में राज्य सरकार को मिली विशेष उपलब्धियों की जानकारी भी दी।

स्कूल शिक्षा में 15 अप्रैल को आया पिछले 16 साल का सर्वश्रेष्ठ परिणाम – बेटियां रहीं अव्व

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 15 अप्रैल को मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा ली गई कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम घोषित हुआ। हमेशा की तरह इस बार भी होनहार बेटियां अव्वल रहीं। हमारी बेटियों को बेटों से 10 प्रतिशत अधिक सफलता मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इस बार के परिणाम पिछले 16 सालों के बोर्ड परीक्षा परिणामों में सर्वश्रेष्ठ रहे। यह हमारी सरकार द्वारा शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए किए जा रहे नवाचारों और सांदीपनि विद्यालयों की सफलता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में असफल विद्यार्थियों को 'रुक जाना नहीं परीक्षा योजना' के तहत 'द्वितीय परीक्षा अवसर' भी दिया जा रहा है। द्वितीय अवसर की परीक्षाएं 7 से 25 मई तक आयोजित होंगी। एक साल में दो परीक्षाएं आयोजित कर मध्यप्रदेश सरकार ने बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को बहुत बड़ी राहत दी है।

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अमरकंटक को "नो मूवमेंट-नो कंस्ट्रक्शन जोन" बनाने की आवश्यकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि नर्मदा माता के उद्गम स्थल अमरकंटक को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 13 अप्रैल को अमरकंटक में ही नर्मदा समग्र मिशन की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि यह मनोरम स्थल प्रकृति की गोद में आध्यात्मिक शांति पाने का उत्तम केंद्र है। हम इस स्थल के विकास के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। अमरकंटक को 'नो मूवमेंट एवं नो कंस्ट्रक्शन जोन' निर्धारित करने की आवश्यकता है, जिससे यहां सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि हम अमरकंटक का इकोलॉजिकल बैलेंस मेंटेन रखने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि मोक्षदायिनी (पापनाशिनी) नर्मदा माता की शुचिता और पवित्रता अक्षय बनी रहे।

संकल्प से समाधान अभियान – 99.90 प्रतिशत आवेदनों का हुआ निराकरण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इसी साल 12 जनवरी से 31 मार्च तक संकल्प से समाधान अभियान चलाया गया। अभियान में सरकार को 45.69 लाख से अधिक आवेदन मिले। इनमें से 47.68 लाख प्रकरणों का समाधान करते हुए 99.90 प्रतिशत आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान नागरिकों की समस्याओं के समाधान और उनकी जरूरतों की पूर्ति की दिशा में बेहद अच्छा प्रयास साबित हुआ। इसने प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी प्रशासन को और मजबूत किया है।

21 प्रतिशत से अधिक आबादी के समग्र विकास की पूरी चिंता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 16 अप्रैल को राज्यस्तरीय जनजातीय उपयोजना कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला प्रदेश की 21 प्रतिशत से अधिक आबादी (जनजातीय वर्ग) के समग्र विकास और कल्याण की नई रुपरेखा बनाने का महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी चिंता के साथ जनजातीय वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए समुचित वित्त व्यवस्थापन एवं प्रबंधन किए हैं।

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ओरछा-चंदेरी के लिए शुरू हुई पीएमहेली पर्यटन सेवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 19 अप्रैल को भोपाल-ओरछा और चंदेरी सेक्टर के लिए पीएमहेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ किया गया। हमारे एविएशन सेक्टर से महाराष्ट्र सहित कई राज्य प्रेरणा ले रहे हैं। इससे न केवल पर्यटन का विकास होगा बल्कि आर्थिक एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हेलीकॉप्टर का किराया, टैक्सी का शुल्क 1150 रुपए और दर्शन एवं प्रसाद के लिए 350 रुपए का भुगतान करना होगा। यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया ज रहा है।

दिव्य स्वरूप में विकसित होगी भगवान परशुराम की जन्मस्थली- जानापाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। भगवान परशुराम का जीवन आस्था, श्रद्धा और धर्म की स्थापना के लिये समर्पण का अनुपम उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम की जन्म-स्थली जानापाव में 17.41 करोड़ रुपए की लागत से परशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जायेगा, जो भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाला एक प्रमुख आध्यात्मिक सांस्कृतिक और पर्यटन का केन्द्र बनेगा। जानापाव में प्रस्तावित लोक में पौराणिक महत्व को दर्शाने वाला एक भव्य संग्रहालय बनाया जाएगा, जिसमें शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा और ध्यान दीर्घा के माध्यम से भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को प्रस्तुत किया जाएगा।

जनगणना शुरु : 30 अप्रैल तक चलेगा स्व-गणना कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिगण को बताया कि जनगणना देश के विकास की नींव है। जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य की दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि जनगणना में वह सही, सटीक और पूर्ण जानकारी दे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 16 अप्रैल से राष्ट्रीय जनगणना के स्व-गणना कार्य का शुभारंभ हो चुका है। प्रदेश में 30 अप्रैल तक ऑनलाईन स्व-गणना का कार्य एवं 1 से 30 मई तक मकान सूचीकरण का काम होगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रूप से होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिगण से कहा कि वे भी नागरिकों से जनगणना कार्य में सही जानकारी देने की अपील करें।

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नारी शक्ति वंदन पर विशेष एक दिवसीय विधानसभा सत्र 27 अप्रैल को

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को विशेष जानकारी देते हुए बताया कि आगामी सोमवार, 27 अप्रैल को विधानसभा की एक दिवसीय विशेष बैठक नियत की गई है। बैठक में नारी शक्ति वंदन- महिलाओं के सर्वांगीण विकास एवं सशक्तिकरण के लिये चर्चा होगी। महिला मंत्रीगण विभागवार चर्चा में नेतृत्व करेंगी।

 

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