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भव्य जिला कार्यालय के बावजूद भाजपा को 10,000 वर्गफुट राजगामी की जमीन देने की तैयारी!

By kadwaghut|05 Feb 2026, 9:59 AM
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प्रदेश अध्यक्ष के पत्र के बाद रामकृष्ण नगर भूमि आवंटन की तैयारी पर गरमाई सियासत

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राजनांदगांव।जीई रोड स्थित भव्य व सुविधायुक्त भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय के बावजूद रामकृष्ण नगर क्षेत्र में गार्डन के समीप स्थित लगभग 10,000 वर्गफुट राजगामी की भूमि भाजपा को दिए जाने की संभावित तैयारी ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

सूत्रों के अनुसार इस भूमि आवंटन को लेकर बीते कुछ दिनों से अधिकारियों पर लगातार फोन कॉल आ रहे हैं और प्रस्ताव तैयार किए जाने की प्रक्रिया भी अंदरखाने शुरू हो चुकी है। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश या सार्वजनिक घोषणा सामने नहीं आई है, लेकिन चर्चाओं ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।❓

पहले से भव्य कार्यालय के मौजूद, फिर दूसरी जमीन क्यों?प्रशासनिक एवं कर्मचारी वर्ग के बीच यह चर्चा आम हो चुकी है कि जब भाजपा का एक अत्याधुनिक और भव्य जिला कार्यालय पहले से ही संचालित है, तो फिर दूसरे कार्यालय या भवन के लिए राजगामी भूमि की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है?

क्या यह संगठनात्मक जरूरत है या इसके पीछे कोई भविष्य की राजनीतिक रणनीति छिपी हुई है?प्रदेश अध्यक्ष का पत्र बना चर्चा का केंद्रसूत्रों के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम की जड़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव द्वारा कलेक्टर को लिखा गया एक पत्र बताया जा रहा है, जिसमें जिला भाजपा कार्यालय हेतु भूमि आवंटन का अनुरोध किया गया है।

बताया यह भी जा रहा है कि जिला भाजपा अध्यक्ष ने इस पत्र के साथ अपना अलग पत्र संलग्न कर राजगामी  की लगभग 2 एकड़ शासकीय भूमि की मांग की है। यह भूमि रामकृष्ण नगर के समीप स्थित बताई जा रही है।अब बड़ा सवाल यह है कि—

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➡️ राजगामी की कुल भूमि में से भाजपा को वास्तव में कितनी जमीन दी जाएगी?

➡️ 10,000 वर्गफुट या उससे अधिक क्षेत्र आवंटित होगा?अधिकारी चुप, जानकारी कुछ नेताओं तक सीमितइस पूरे मामले की जानकारी फिलहाल कुछ चुनिंदा नेताओं और अधिकारियों तक ही सीमित बताई जा रही है।

जब कडुवाघूंट ने इस संबंध में एक जिम्मेदार अधिकारी से चर्चा करने की कोशिश की, तो उन्होंने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।पारदर्शिता नहीं तो बढ़ेगा विवादविशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी राजनीतिक दल को शासकीय भूमि आवंटित की जाती है, तो नियमों, प्रक्रिया और पारदर्शिता का सख्ती से पालन आवश्यक है।

अन्यथा यह मामला राजनीतिक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक विवाद का रूप भी ले सकता है।

👀 अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम परफिलहाल जिले में तीन सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं—➡️ क्या वास्तव में भाजपा को दूसरा कार्यालय देने की तैयारी है?➡️ इसके पीछे वास्तविक आवश्यकता और उद्देश्य क्या है?➡️ क्या अन्य संगठनों को भी इसी तरह राजगामी भूमि उपलब्ध कराई जाती है?इन सभी सवालों के जवाब प्रस्ताव के सार्वजनिक होने और प्रशासनिक निर्णय के बाद ही सामने आ पाएंगे। तब तक रामकृष्ण नगर की यह जमीन सियासी बहस के केंद्र में बनी रहेगी।

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