मध्य प्रदेश

70 हजार अतिथि शिक्षक प्रभावित: सेवाएं समाप्त करने के फैसले पर प्रदेशभर में विरोध

By Admin|24 Mar 2026, 8:11 PM
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भोपाल

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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवाएं अब 30 अप्रैल तक ही रहेंगी। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यह स्थिति तब है जब सरकार अतिथि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का वादा दोहराती रही है। इस आदेश से अतिथि शिक्षकों में असंतोष है।

नए शैक्षणिक सत्र और रिक्त पदों की स्थिति

प्रदेश में एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हो रहा है। इसे लेकर डीपीआई के संचालक केके द्विवेदी ने अतिथि शिक्षकों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कहा कि शासकीय विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवाएं केवल 30 अप्रैल तक ही ली जाएंगी।

अधिकारियों को आदेश और शैक्षणिक व्यवस्था

आदेश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों और शाला प्रभारियों को भेजा गया है। बता दें कि प्रदेश में करीब 70 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लगभग इतनी ही संख्या में अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जहां रिक्त पद उपलब्ध हैं, वहां अतिथि शिक्षक निर्धारित अवधि तक सेवाएं देते रहेंगे, ताकि विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित न हो।

वर्ष भर जारी रखी जाएं सेवाएं

राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अतिथि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। उनकी सेवाओं को कुछ महीनों तक सीमित करना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने अतिथि शिक्षकों की सेवाएं वर्ष भर जारी रखने की मांग की है। ताकि उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। संघ ने इस मुद्दे को लेकर शासन स्तर पर चर्चा करने और आंदोलन की रणनीति बनाने के संकेत भी दिए हैं।

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