छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

Rajnandgaon : नगर निगम में डेढ़ साल के भीतर ही तीसरी बार लाइट खरीदी की तैयारी…

By lokesh sharma|15 Dec 2025, 12:32 PM
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राजनांदगांव, नगर निगम में डेढ़ साल के भीतर ही तीसरी बार लाइट खरीदी की तैयारी है। इसके लिए पार्षदों से डिमांड मंगाया गया है। लाइटें पार्षद नि​​िध की 25 फीसदी राशि से खरीदी जाएगी, जो करीब डेढ़ लाख रुपए होती है।

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लेकिन लाइट खरीदी की यह प्रक्रिया निगम के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर ही सवाल खड़ा कर रही है। दरअसल डेढ़ साल पहले ही ​निगम के 51 वार्ड में लाइट की जरूरत का सर्वे किया गया। इसके बाद सामने आए डिमांड के ​मुताबिक करीब एक करोड़ रुपए की लाइट खरीदी गई। करीब 1600 लाइट तब निजी एजेंसी ने सप्लाई की।

इसके बाद दिवाली में निगम प्रशासन ने दोबारा शहर का अंधेरे हिस्से में रोशनी के नाम पर करीब 500 लाइटों की खरीदी की। डेढ़ साल के भीतर ही तीसरी बार लाइट खरीदी की तैयारी है। करीब 30 लाख रुपए की लाइट खरीदने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

डेढ़ साल पहले जब करीब 1600 लाइटों की खरीदी हुई थी, तब इसे तत्कालीन अफसरों ने वार्डों की डिमांड के हिसाब से पर्याप्त बताया ​था। पार्षदों को हर वार्ड की जरूरत के मुताबिक लाइट का वितरण भी किया गया। लेकिन ठीक दिवाली से पहले लाइटें की ज़रुरत बताकर करीब 500 लाइट खरीद ली गई। सवाल यह खड़ा हो रहा है कि अगर दोनों खरीदी के बाद सभी हिस्सों में लाइटें लगाई जा चुकी है, तो तीसरी बार पार्षद निधि के फंड से खरीदी क्यों की जा रही है। हालांकि अब पार्षद व अफसर वार्डों में लाइट की जरूरत होना बता रहे हैं।

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लगते ही खराब होने लगी वजह- अधिक वोल्टेज डेढ़ साल पहले एक करोड़ रुपए की लागत से खरीदे गए लाइटों की क्वालिटी को लेकर शुरु से ही सवाल खड़े हो रहे है। ये लाइटें पोल में लगने के कुछ दिन बाद ही खराब होने लगी थी, वहीं लाइट की वारंटी भी महज एक साल की थी, जिसकी वजह से इसे बदला नहीं जा रहा। एजेंसी लाइटों को सुधारने का दावा कर रही है पर बड़ी संख्या में खराब हो चुकी लाइट में सुधार नहीं किया जा रहा है। इधर निगम कर्मचारियों का दावा है कि वोल्टेज अचानक बढ़ने की वजह से लाइटें खराब हुई है।

पार्षद बोले- कुछ वार्डों का क्षेत्रफल अधिक है पार्षदों को इस बार लाइट खरीदी का फरमान राज्य स्तर से जारी हुआ है। पार्षद अपनी निधि की 25 फीसदी राशि से लाइट खरीद सकते हैं। इसके लिए कोई अनिवार्य शर्त नहीं रखी गई है। लेकिन राज्य से अनुमति मिलते ही पार्षद निधि से लाइट खरीदने की कसरत शुरू हो गई है। जबकि सभी वार्डों में पहले ही लाइटें लगाई जा चुकी है। पार्षदों ने बताया​ कि कुछ वार्डों की भौ​गोलिक क्षेत्र बड़ा होने से वहीं लाइटों की जरूरत अधिक है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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