छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ का बढ़ा गौरव, अदम्य साहस के लिए तीन जवानों को मिलेगा शौर्य चक्र

By Admin|08 Jun 2026, 6:11 PM
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बालोद/भानुप्रतापपुर.

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छत्तीसगढ़ के तीन जवानों को आज नई दिल्ली में राष्टपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों प्रतिष्ठित वीरता सम्मान शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा. असम रायफल में पदस्थ जवान भोजराम साहू को मणिपुर में आंतकियों के साथ मुठभेड़ में प्रदर्शित अदम्य साहस और वीरता के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा.

वहीं छत्तीसगढ़ में नक्सल अभियानों के दौरान उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख भी इस सम्मान से अलंकृत होंगे. 

आतंकियों ने पर भारी पड़े भोजराम साहू
असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू ने बताया कि 15 नवंबर, 2024 को मणिपुर के टेंगनोपाल में आतंकियों के घुसने की सूचना मिली थी. करीब 9:30 बजे आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमें भोजराम साहू को एक गोली भी लगी थी. लेकिन उनका हौंसला नहीं टूटा, जवाब कार्रवाई में भोजराम ने फायरिंग नहीं रोकी. फलस्वरूप आतंकियों को मैदान छोड़कर भागना पड़ा. इस कार्रवाई में 3 आतंकियों की मौत हुई थी. बता दें कि भोजराम साहू, बालोद जिले के आदिवासी विकास खण्ड डौंडी के गांव ढोर्रीठेमा के रहने वाले हैं. वह असम रायफल में पदस्थ हैं.

नक्सली मोर्चे पर ‘राम-लक्ष्मण’ ने निभाई अहम भूमिका
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों में अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले पुलिस अधिकारी निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख को आज ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया जाएगा. राजनांदगांव और बस्तर के दुर्गम जंगलों में वर्षों से नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व कर रहे दोनों जांबाज अफसरों ने कई सफल ऑपरेशनों को अंजाम दिया है. बस्तर में जहां भी उनकी तैनाती रही, वहां उन्होंने अग्रिम मोर्चे पर रहकर सुरक्षा बलों का नेतृत्व किया और नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की.

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नक्सल एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर मिली पहचान
पुलिस महकमे में दोनों अधिकारियों को नक्सल एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में जाना जाता है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निरीक्षक लक्ष्मण केवट अब तक 97 नक्सलियों के खिलाफ सफल अभियानों का हिस्सा रहे हैं, जबकि निरीक्षक रामेश्वर देशमुख 56 नक्सलियों के विरुद्ध हुई कार्रवाइयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.

29 नक्सलियों के सफाए वाला ऐतिहासिक ऑपरेशन
दोनों अधिकारियों की बहादुरी का सबसे बड़ा उदाहरण 16 अप्रैल 2024 को देखने को मिला, जब कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के हापाटोला जंगल में सुरक्षा बलों ने एक बड़े अभियान को अंजाम दिया. इस अभियान में 15 महिला नक्सलियों सहित कुल 29 नक्सली मारे गए थे. छत्तीसगढ़ के नक्सल विरोधी इतिहास में इसे सबसे सफल अभियानों में से एक माना जाता है. ऑपरेशन के दौरान दोनों अधिकारियों ने स्वयं जंगल के भीतर मोर्चा संभालते हुए जवानों का नेतृत्व किया था.

पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
निरीक्षक लक्ष्मण केवट को अब तक 6 राष्ट्रपति पुलिस पदक सहित सीआरपीएफ और बीएसएफ के कई वीरता सम्मान प्राप्त हो चुके हैं. वहीं निरीक्षक रामेश्वर देशमुख को भी उनके उत्कृष्ट साहस और सेवा के लिए राष्ट्रपति द्वारा दो बार सम्मानित किया जा चुका है. अब शौर्य चक्र मिलने के साथ उनके नाम एक और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान जुड़ जाएगा. “लक्ष्य सिर्फ ऑपरेशन नहीं, शांति स्थापित करना है” सम्मान की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए लक्ष्मण केवट ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाना नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और लोगों का विश्वास जीतना है.

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उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ ऑपरेशन चलाना नहीं है, बल्कि इलाके में शांति स्थापित कर लोगों का विश्वास लौटाना है. हमने अनेक सफल अभियान चलाए हैं, लेकिन सबसे बड़ी सफलता क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करना है.” वर्तमान में लक्ष्मण केवट पाखंजूर में पदस्थ हैं, जबकि रामेश्वर देशमुख भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों तक जान जोखिम में डालकर देश की सुरक्षा और शांति के लिए कार्य करने वाले इन दोनों अधिकारियों को मिलने वाला शौर्य चक्र न केवल उनकी बहादुरी का सम्मान है, बल्कि छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए भी गौरव का क्षण है. 

छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण : SP निखिल राखेचा
इस गौरवपूर्ण पल को लेकर पुलिस अधिक्षक निखिल आकाश राखेचा ने कहा कि कांकेर पुलिस के साथ पूरे छत्तीसगढ़ की पुलिस के लिए गौरव का विषय है कि कांकेर जिले के दो निरीक्षकों को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है. आने वाले समय में पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए यह प्रेरणा स्रोत भी रहेगा कि कांकेर जैसे जिले में रहकर लोग इस तरह के उत्कृष्ट कार्यों को अंजाम दे सकते हैं.

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