छत्तीसगढ़बालोद जिला

CG : कलेक्टर ने कम पानी में बेहतर उपज देने वाली दलहन, तिलहन, गन्ना जैसे फसल लेने किया प्रोत्साहित…

By lokesh sharma|02 Dec 2025, 4:29 PM
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बालोद । कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले के किसानों से की विनम्र अपील की है। उन्होंने कहा है कि बालोद एक कृषि प्रधान जिला है। जिले के 80 प्रतिशत से भी अधिक जनसंख्या कृषि कार्य पर निर्भर है। यद्यपि जिले में वर्षा सामान्य होती है। इसके बावजूद जिले का भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। वर्तमान में जिले का गुरूर विकासखण्ड क्रिटिकल जोन में तथा गुण्डरदेही और बालोद विकासखण्ड सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल है।

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धान की फसल में अन्य फसलों की तुलना में अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है, 01 किग्रा. धान उत्पादन के लिए औसतन 3000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। ग्रीष्मकालीन धान के लिए कृषक मुख्य रूप से भूमिगत जल का उपयोग करते है। वृहद क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लिये जाने से कई ग्रामों में जल संकट की स्थिति निर्मित हो जाती है तथा पीने के पानी के लिये जुझना पड़ता है। रबी में धान की फसल लेने से न केवल जल स्तर प्रभावित होता है, बल्कि बिजली की खपत भी अधिक होती है। पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है व भूमि की उपजाऊ क्षमता में कमी आती है।

शासन की मंशा अनुरूप ग्रीष्मकालीन धान के रकबे को कम कर कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों को कृषकों को अपनाना चाहिए। जिले में इस बार रबी क्षेत्र विस्तार हेतु तिवड़ा, चना, सरसों, कुसुम का बीज कृषकों को अनुदान में वितरित किया जा रहा है। ग्रीष्मकालीन धान के बदले कृषकों का रूझान मक्का फसल में बढ़ रहा है, भविष्य में इस हेतु मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की योजना है।

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इस स्थिति को देखते हुए सभी कृषकों से अपील की जाती है ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई न करें। धान के स्थान पर मूंग, उड़द, चना, मक्का, सूरजमुखी, गन्ना, सब्जियों, जैसी फसलें अपनाएं, ये कम पानी में भी सफलतापूर्वक ली जा सकती हैं और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी हैं। जल संरक्षण हेतु माइक्रो-इरीगेशन (ड्रिप व स्प्रिंकलर), मल्चिंग और फसल चक्र अपनाने पर विशेष ध्यान दें। ग्रामीण जल स्त्रोतों (कुएँ, तालाब, नाला बंधान, नाला विस्तार) के संरक्षण में सामूहिक भागीदारी निभाएँ। हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि भू-जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी जल एवं कृषि की स्थिरता बनाए रख सकें। आपका सहयोग जिले के सतत् विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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