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CG : टिश्यू कल्चर तकनीक से किसानों को मिलेगा अधिक लाभ : वन मंत्री केदार कश्यप

By lokesh sharma|23 Jun 2026, 4:22 PM
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उन्नत सागौन रोपण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

निजी भूमि पर सागौन रोपण के लिए शासन दे रहा 100 प्रतिशत तक अनुदान

रायपुर,

उन्नत सागौन रोपण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
उन्नत सागौन रोपण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज अरण्य भवन, नवा रायपुर में आज “सागौन प्रबंधन एवं उन्नत सागौन रोपण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में  शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण पाण्डेय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

उन्नत सागौन रोपण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

सागौन है सुरक्षित और लाभकारी हरित निवेश

कार्यशाला को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सागौन (टीक) का प्रबंधन और उन्नत रोपण उच्च गुणवत्ता वाली इमारती लकड़ी के उत्पादन और शानदार मुनाफे का सौदा है स उन्होंने कहा कि सागौन विश्व की सबसे मूल्यवान इमारती लकड़ियों में से एक है। इसकी मजबूती, टिकाऊपन और दीमक-रोधी गुणों के कारण इसे लकड़ी का राजा कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लोग भविष्य की सुरक्षा के लिए बैंक में निवेश करते हैं, उसी तरह सागौन का पौधा लगाना भी एक दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश है। इससे किसानों को भविष्य में बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है।

टिश्यू कल्चर पौधों से बढ़ेगी उत्पादकता

वन मंत्री कश्यप ने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार सागौन के पौधे सामान्य पौधों की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं। इन पौधों का तना सीधा और गुणवत्तापूर्ण होता है, जिससे बेहतर गुणवत्ता की लकड़ी प्राप्त होती है और किसानों की आय बढ़ती है।

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अंतरवर्ती फसलों से होगी अतिरिक्त आमदनी

कश्यप ने बताया कि किसान सागौन रोपण के शुरुआती वर्षों में पौधों के बीच खाली स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसलें लेकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। वहीं 8 से 10 वर्ष बाद वृक्षों की छंटाई (थिनिंग) से भी आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। राज्य शासन द्वारा निजी भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अनुदान दिया जा रहा है।

5 एकड़ तक के किसानों को 100 प्रतिशत अनुदान

छोटे और सीमांत किसानों के लिए 5 एकड़ तक सागौन रोपण पर 100 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। इसके तहत प्रति पौधा 94.50 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

बड़े वृक्षारोपण प्रकल्पों को 50 प्रतिशत सहायता

5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में वृक्षारोपण करने वाले किसानों एवं संस्थाओं को 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने दी आधुनिक जानकारी

कार्यशाला में कोयम्बटूर से आईं प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. रेखा आर. वारियर और डॉ. आर. यशोदा ने किसानों को उन्नत सागौन उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने मिट्टी के चयन, पौधों की देखभाल, रोग प्रबंधन तथा टिश्यू कल्चर आधारित पौधों की विशेषताओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

छत्तीसगढ़ में सागौन उत्पादन की व्यापक संभावनाएं

विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु और मिट्टी सागौन उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त है। बीजापुर, भोपालपटनम, कोटा, अंबागढ़ चौकी, रायगढ़, सराईपाली और नारायणपुर सहित कई क्षेत्रों में सागौन आधारित कृषि वानिकी किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

खेत में सागौन, हर किसान समृद्ध किसानों से अपील

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कार्यशाला के समापन अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने किसानों से बड़े पैमाने पर सागौन रोपण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि  श्खेत में सागौन, हर किसान समृद्धश् का संकल्प प्रदेश में हरित विकास और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगा।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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