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एमपी में जल संकट की गंभीर स्थिति, इस जिले को 15 जुलाई तक जल अभावग्रस्त घोषित, कलेक्टर का सख्त आदेश

By Admin|22 Apr 2026, 3:01 PM
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छतरपुर 
एमपी के छतरपुर जिले में इस वर्ष औसत से कम वर्षा के चलते आने वाले ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पूरे जिले…

छतरपुर (राजेश चौरसिया): एमपी के छतरपुर जिले में इस वर्ष औसत से कम वर्षा के चलते आने वाले ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पूरे जिले को 15 जुलाई 2026 तक के लिए जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

पेयजल स्रोतों का सीमित उपयोग जरूरी
जारी आदेश के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के पेयजल स्रोतों का उपयोग सिंचाई या व्यावसायिक कार्यों में नहीं कर सकेगा। प्रशासन का उद्देश्य आम जनता के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

150 मीटर दायरे में नए नलकूप पर प्रतिबंध
हैंडपंप या ट्यूबवेल के 150 मीटर की परिधि में नए हैंडपंप या ट्यूबवेल का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा निस्तारी तालाबों के पानी का उपयोग भी सिंचाई और व्यावसायिक कार्यों के लिए नहीं किया जा सकेगा।

विशेष अनुमति के बाद ही होगा नलकूप खनन
शासकीय कार्यों को छोड़कर अन्य सभी नलकूपों के खनन पर रोक लगा दी गई है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुमति मिलने पर ही नलकूप खोदे जा सकेंगे।

उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उ
ल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क
जिला प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय संभावित जल संकट को देखते हुए लिया गया है, ताकि गर्मी के दौरान आम लोगों को पेयजल की कमी का सामना न करना पड़े।

150 मीटर के दायरे में नहीं खुदेंगे नए हैंडपंप-ट्यूबवेल
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले में नए नलकूपों के खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। अब किसी भी मौजूदा हैंडपंप या ट्यूबवेल के 150 मीटर के दायरे में नया हैंडपंप या ट्यूबवेल नहीं खोदा जा सकेगा। शासकीय कार्यों के लिए नलकूप खनन को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। हालांकि, आम लोगों को विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुमति प्राप्त होने पर ही नलकूप खोदने की परमिशन मिल सकेगी।

निस्तारी तालाबों के पानी से सिंचाई और व्यापार पर बैन
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी के मौसम में आम जनता के लिए पेयजल की कमी को दूर करना है। इसके लिए तय किया गया है कि अब जिले में कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के पेयजल स्रोतों का उपयोग खेतों की सिंचाई या व्यावसायिक कार्यों के लिए नहीं कर सकेगा। इसके अतिरिक्त, निस्तारी तालाबों के पानी का उपयोग भी सिंचाई और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पूरी तरह से वर्जित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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