छत्तीसगढ़सरगुजा जिला

CG : महामाया मंदिर में बिक रहे प्रसाद पर बड़ा खुलासा, लैब जांच में मोतीचूर के लड्डू फेल …

By kadwaghut|11 Jul 2026, 12:22 PM
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सरगुजा। अंबिकापुर स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के आसपास बिक रहे प्रसाद को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर के सामने स्थित एक दुकान से लिए गए मोतीचूर के लड्डू का नमूना सरकारी प्रयोगशाला की जांच में फेल हो गया है। जांच रिपोर्ट में लड्डू में कृत्रिम स्वीटनर एसपार्टेम (Aspartame) और सिंथेटिक फूड कलर सनसेट येलो (Sunset Yellow) निर्धारित मानकों से कहीं अधिक मात्रा में पाए गए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित दुकान के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही मंदिर परिसर के आसपास संचालित अन्य प्रसाद दुकानों से भी नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, यह सैंपल रामनवमी के दौरान नियमित जांच अभियान के तहत लिया गया था। नमूने को परीक्षण के लिए भोपाल की सरकारी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में लड्डू को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके बाद विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

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जांच में तय सीमा से अधिक मिले रसायन खाद्य सुरक्षा विभाग की अधिकारी लक्ष्मी यादव ने बताया कि लैब रिपोर्ट में दो प्रमुख पदार्थ निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में पाए गए हैं। पहला पदार्थ एसपार्टेम (Aspartame) है, जिसका उपयोग मिठास बढ़ाने के लिए किया जाता है। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार इसकी अधिकतम स्वीकार्य मात्रा 1000 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है, जबकि जांच किए गए लड्डू में इसकी मात्रा लगभग 1700 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम पाई गई। दूसरा पदार्थ सनसेट येलो (Sunset Yellow) नामक सिंथेटिक फूड कलर है, जिसका उपयोग मिठाइयों को आकर्षक और चमकीला रंग देने के लिए किया जाता है। इसकी निर्धारित सीमा 100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है, लेकिन जांच में इसकी मात्रा करीब 1100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जो निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक है।

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में इन पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। विभाग के अनुसार, अत्यधिक मात्रा में एसपार्टेम और सिंथेटिक रंगों का सेवन लंबे समय तक किए जाने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विभाग ने बताया कि अधिक मात्रा में इन रसायनों के सेवन से सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं और इनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन भी उपलब्ध हैं।

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अन्य दुकानों से भी लिए गए नमूने रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने अंबिकापुर स्थित मां महामाया मंदिर के आसपास प्रसाद बेचने वाली अन्य दुकानों पर भी जांच अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीम ने कई दुकानों से मोतीचूर के लड्डू और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि अन्य नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी दुकान में भी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर प्रशासन का जोर मां महामाया मंदिर सरगुजा संभाग के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रसाद की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध या खराब गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री मिलने पर तत्काल विभाग को सूचना दें। विभाग ने कहा कि मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ नियमित जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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