DPR छत्तीसगढ समाचारछत्तीसगढ़रायपुर जिला

CG : केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम: रोजगार, प्रसंस्करण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा

By kadwaghut|24 Nov 2025, 12:34 PM
f X W

रायपुर,

Advertisement
Advertisement
केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम: रोजगार, प्रसंस्करण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा

छत्तीसगढ़ शासन एवं राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित द्वारा राज्य के वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से विभिन्न वनोपज और औषधीय पौधों को खरीदकर उनका संग्रहण एवं प्रसंस्करण किया जा रहा है। इनसे तैयार होने वाले हर्बल उत्पाद ‘छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से निर्मित किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग लोगों के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है।

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम: रोजगार, प्रसंस्करण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा

महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बना रहा है प्रसंस्करण कार्य

जामगांव एम, पाटन स्थित केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई लगभग 111 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है। यहां स्थापित प्रसंस्करण इकाई क्रमांक-01 में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों को काम दिया गया है। यहां आंवला, बेल और जामुन से विभिन्न उत्पाद पूरी शुद्धता के साथ तैयार किए जा रहे हैं, इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। मात्र एक वर्ष में इस इकाई ने 44 लाख रुपये मूल्य के उत्पाद तैयार कर विक्रय किए हैं। यहां प्रमुख उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। जिसमे आंवला जूस, कैन्डी, लच्छा, बेल मुरब्बा, बेल शरबत,जामुन पल्प, जूस, आर.टी.एस. पेय तैयार उत्पादों का विक्रय एनडब्ल्यूएफपी मार्ट और संजीवनी स्टोर के माध्यम से किया जा रहा है।

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम: रोजगार, प्रसंस्करण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा

इकाई क्रमांक-02:  20 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाला विशाल केंद्रीय वेयर हाउस

      इकाई क्रमांक-02 में कुल चार बड़े गोदाम बनाए गए हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन है। यहां राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त वनोपज का सुरक्षित भंडारण किया गया है। इस यूनिट में 15 हाजर 138 किं्वटल कोदो, 229 क्विंटल कुटकी, 186 क्विंटल रागी, 31 क्विंटल हर्रा कचरिया, 32 किं्वटल चिरायता/कालमेघ, 66 क्विंटल पलास फूल, 69 किं्वटल साल बीज आदि वनोपज का भंडारण किया गया है। इन सभी उत्पादों का विक्रय निविदा के माध्यम से संघ मुख्यालय रायपुर द्वारा किया जा रहा है। इन दोनों इकाइयों के संचालन से अब तक 5 हजार 200 से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ है।

READ ALSO  नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम! बस्तर में डंप से 2 टिफिन बम समेत विस्फोटक बरामद

पी.पी.पी.मॉडल पर स्थापित हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी पी पी) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और स्फेयर बायोटेक कंपनी के संयुक्त प्रयास से जामगांव एम में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट की स्थापना की गई है। इसका लोकार्पण वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा किया गया था। यह यूनिट 6 एकड़ क्षेत्र में बना है, जहां पर इन औषधीय पौधों से अर्क निकाला जाता है जिसमें गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मुसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, शतावरी आदि वनोपज शामिल है । निकाले गए अर्क का उपयोग आयुर्वेदिक औषधियों और वेलनेस उत्पादों के निर्माण में किया जा रहा है। वन क्षेत्रों में रहने वाले संग्राहकों से खरीदे जाने वाले वनोपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा तथा इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। साथ ही, ग्रामीणों के लिए नए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

ग्रामीणों और संग्राहकों को स्थायी लाभ

स्फेयर बायोटेक द्वारा ग्रामीण संग्राहकों से वनोपज और औषधीय उपज का पूर्ण क्रय किया जाएगा, इससे उन्हें नियमित आय उपलब्ध होगी और उत्पाद का सही मूल्य मिलेगा। यह केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई, गोदाम और हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट न केवल वनोपज की मूल्यवृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों, महिलाओं और संग्राहकों के लिए रोजगार व आय के नए अवसर भी सृजित कर रहे हैं।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins