मध्य प्रदेश

प्रमुख सचिव श्री यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड की बैठक

By Admin|19 Nov 2025, 9:27 PM
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भोपाल
प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा श्री संदीप यादव की अध्यक्षता में गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड पी.सी.पी.एन.डी.टी. की बैठक में अनेक निर्णय लिये गये। बैठक में विधानसभा सदस्य श्रीमती प्रियंका मीणा, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण राठी, अतिरिक्त सचिव विधि एवं विधायी कार्य श्री निशित खरे सहित विभिन्न विभागीय अधिकारियों तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागिता की गयी।

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राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड की बैठक में लिये गये मुख्य निर्णयों में मध्यप्रदेश में भ्रूण लिंग चयन संबंधी सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने एवं सामाजिक भागीदारिता को बढ़ावा देने के लिये "पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना'' संचालित है, जिसका प्रदेश में अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाये। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा "पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना'' अंतर्गत 2 लाख रुपये के पुरस्कार का प्रावधान है, जिसमें मुखबिर के सूचना पर पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम अंतर्गत प्रकरण सफल स्टिंग ऑपरेशन होने अथवा प्रकरण पंजीबद्ध होने पर मुखबिर या सूचनादाता को 50 हजार रुपये दिये जाने का प्रावधान है। साथ ही न्यायालय द्वारा पंजीबद्ध प्रकरण में दंडित किये जाने पर मुखबिर या सूचनादाता को पुन: 30 हजार रुपये दिये जाने का प्रावधान है। पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम की धारा-22 अंतर्गत किसी भी व्यक्ति, संगठन, केन्द्र द्वारा लिंग चयन सुविधाओं के संबंध में किसी भी प्रकार का विज्ञापन भौतिक या इंटरनेट के माध्यम से प्रकाशन, वितरण एवं संसूचित करने पर प्रतिबंध है।

लिंग चयन के संबंध में साइबर एडवर्टाइजमेंट, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर बेची जा रही सामग्री, इंटरनेट पर उपलब्ध आपत्तिजनक ब्लॉग्स/वीडियोज आदि को साइबर निगरानी द्वारा नियंत्रित किये जाने की आवश्यकता है। इसके लिये विभाग द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, इंटेलिजेंस के समन्वय से सुदृढ़ कार्यवाही पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम, 1994 एवं आई.टी. अधिनियम, 2000 के स्थापित प्रावधान अनुरूप कार्यवाही की जायेगी। समाज में लिंग चयन आधारित गर्भपात से संभावित सामाजिक असंतुलन एवं लैंगिक हिंसा के नियंत्रण के लिये जन-प्रतिनिधियों के सोशल मीडिया पेज तथा जिलों के आधिकारिक वेबसाइट तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से सामाजिक जागरूकता एवं जन-भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।

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