मध्य प्रदेश

78वां तब्लीगी इज्तिमा भोपाल में, जीरो वेस्ट थीम और आधुनिक क्यूआर कोड व्यवस्था के साथ हुआ शुभारंभ

By Admin|14 Nov 2025, 2:02 PM
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भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में शुक्रवार को फजिर की नमाज के साथ ही 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा (Ijtema 2025 Tablighi Jamaat) शुरू हो गया। इस बार दुनिया का ये सबसे बड़ा आयोजन तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम लेकर आया है। ऐसा पहली बार है कि इस धार्मिक सम्मेलन में क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इससे न केवल सेवादारों को अपनी जिम्मेदारी समझने में आसानी होगी, बल्कि आयोजन स्थल की संपूर्ण जानकारी भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी।

इज्तिमा के प्रवक्ता उमर हफीज कहते हैं कि पहला आधिकारिक इज्तिमा 1947 में हुआ था, इसलिए यह 79वां आलमी इज्तिमा है, लेकिन कोरोना काल में साल 2020 में यह आयोजन नहीं हो सका था, इसलिए यह 78वां आयोजन है। उमर बताते हैं विदेश से कोई जमात नहीं आती, बल्कि व्यक्तिगत रूप से लोग इस इज्तिमा में शामिल होने आते हैं। पहले उनका पुलिस वेरीफिकेशन होता है। इसके बाद ही इज्तिमा में शामिल होने की अनुमति दी जाती है।

इस बार इज्तिमा का प्रबंधन पहले से ज्यादा बड़ा और व्यवस्थित है। मुख्य पंडाल 120 एकड़ में, पार्किंग 350 एकड़ में बनाई गई है और पूरा आयोजन क्षेत्र करीब 600 एकड़ में फैला है।दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशन से लेकर इज्तिमा-स्थल तक हर जगह सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।आईजी अभय सिंह ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, इसलिए सुरक्षा, ट्रैफिक और इमरजेंसी सेवाओं के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

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स्कैन करते ही खुल जाएगा इज्तिमा स्थल का डिजिटल नक्शा

इज्तिमा स्थल पर तीस हजार से अधिक वालेंटियर को विशेष क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र दिए गए हैं, इनमें नगर निगम के पांच हजार और 25 हजार स्वयंसेवक शामिल हैं। ये रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और इज्तिमा स्थल जाने वाले प्रमुख मार्गों पर तैनात किए गए हैं। इस कार्ड को स्कैन करते ही मोबाइल पर पूरा इज्तिमा परिसर का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि कौन सी जमाअत किस क्षेत्र में ठहरी है, किस जगह जरूरी सामान, पानी या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, सफाई या सुरक्षा से जुड़ी टीमें कहां-कहां तैनात की गई हैं।

आयोजन समिति के अनुसार, यह सिस्टम भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा और किसी भी आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में समय की बचत होगी। इस सुविधा से लोग परेशान होने से बचेंगे और उन्हें सटीक जानकारी मिल सकेगी।
12 लाख से अधिक जायरीनों के आने की संभावना

चार दिवसीय यह मजहबी आयोजन आज शुक्रवार 14 नवंबर को फज्र की नमाज के साथ शुरू हो गया है। वहीं 17 नवंबर सोमवार को सामूहिक दुआ के साथ संपन्न होगा। देशभर की जमाअतों और विदेशों से व्यक्तिगत रूप से आने वाले मुस्लिम नागरिक बड़ी संख्या में इसमें शामिल होंगे। दुआ के आखिरी दिन करीब 12 लाख जमाअतियों के आने की संभावना बताई जा रही है।

रोजाना होंगी चार तकरीरें

इज्तिमा में हर दिन चार तकरीरें होंगी- फज्र, जोहर, असर और मगरिब के बाद। बता दें वक्ताओं के नाम पहले से घोषित नहीं किए जाते। तकरीरों में दीनी संदेश, सामाजिक सुधार और उम्मत की बेहतरी से जुड़ी बातें रखी जाती हैं। कमेटी सदस्य डॉ. उमर हफीज़ ने बताया कि “हर तकरीर तय वक्त पर होगी और जायरीन इनसे सीधे जुड़ सकेंगे।”

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दिल्ली धमाके के बाद सख्त सुरक्षा

दिल्ली धमाके के बाद भोपाल रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जीआरपी ने पहली बार रेंडम BD & DS (Bomb Detection and Disposal Squad) चेकिंग शुरू की है। प्लेटफॉर्म, पार्किंग एरिया और मालखानों में रोजाना दो बार तलाशी ली जा रही है। बुधवार को टीम ने 250 से 300 वाहनों की जांच की।

स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों पर HHMD (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) और DFMD (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाए गए हैं। जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया, “इज्तिमा के दौरान रोजाना दो बार अलग-अलग जगहों पर रेंडम चेकिंग होगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।”

 

जीरो वेस्ट और ग्रीन थीम के साथ पर्यावरण संरक्षण भी

इस बार का इज्तिमा 'जीरो वेस्ट' थीम पर आधारित है। प्रवक्ता उमर हफीज के मुताबिक प्लास्टिक और डिस्पोजल वस्तुएं आयोजन स्थल पर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। नगर निगम और ग्राम पंचायतों के सहयोग से पूरे आयोजन को 'ग्रीन एंड क्लीन इज्तिमा' बनाने की योजना है। कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ सैयद इम्तियाज अली ने बताया कि इस बार उत्पन्न होने वाला कचरा 180 मीट्रिक टन से घटाकर 120 मीट्रिक टन तक सीमित रखने का लक्ष्य है।

पहली बार पंचायतें भी सहयोगी

इस सम्मेलन में पहली बार इज्तिमा स्थल के आसपास की आठ ग्राम पंचायतें सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर वुजू में प्रतिदिन खर्च होने वाले 90 लाख लीटर पानी को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट और गंदे पानी का ट्रीटमेंट और रीसाइक्लिंग भी की जाएगी।

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आज से बदले रहेंगे ये रास्ते, यहां जाने से बचें

भोपाल से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ईंटखेड़ी के ग्राम घासीपुरा में 14 से 17 नवंबर तक चार दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होगा। इसमें देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में धर्मावलंबी सम्मलित होंगे, जो रेलवे स्टेशन, पुराने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यक्रम स्थल तक पहुचेंगे। अंतिम दिन सामूहिक दुआ में शहर से भी बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल होंगे।

सुबह छह बजे से पुराना शहर से इज्तिमा स्थल की ओर आवागमन करने वाले मार्गों जैसे-मुबारकपुर से पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर से अयोध्यानगर बायपास, रत्नागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद भोपाल टाकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रायल मार्केट, लालघाटी चौराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन, अल्पना तिराहा, भारत टाकीज, बोगदापुल आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय एवं वाहनों के सड़कों पर होने से अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा। ऐसे में पुराने शहर और इज्तिमा स्थल की ओर आने-जाने के लिए आमजन को अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ेगा।

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