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सदर अस्पतालों का होगा मेडिकल कॉलेज में उन्नयन, स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार

By Admin|16 Apr 2026, 7:41 PM
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रांची

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झारखंड मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को राज्य के चार जिलों धनबाद, जामताड़ा, गिरिडीह और खूंटी के सदर अस्पतालों को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज के रूप में उन्नयन की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही विदेशों से मेडिकल ग्रेजुएट की पढ़ाई (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट) करने वाले छात्रों को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप के दौरान स्टाईपंड की भी मंजूरी दी गयी। अब एफएमजी इंटर्न को 17500 रुपए स्टाईपंड मिलेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की कमी के कारण हमारे राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी रही है। मैं स्वयं इसका उदाहरण हूं, मुझे अपनी मेडिकल शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ा। बाहर के डॉक्टर राज्य में आने से कतराते हैं, ऐसे में स्थानीय स्तर पर डॉक्टर तैयार करना ही स्थायी समाधान है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा का अवसर मिलेगा। डॉक्टरों की कमी दूर होगी तो उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा जिले में ही उपलब्ध होगी। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही स्थानीय रोजगार के नए मौके सृजित होंगे। क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। मरीजों को बाहर जाने की जरूरत कम होगी।

केंद्र और राज्य के सहयोग से होगा विकास
चार जिलों में मेडिकल कॉलेज का राज्य सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर बीते अक्तूबर में केंद्र सरकार ने सहमति दी थी। चारों जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पीपीपी (सार्वजनिक निजी सहभागिता) मोड में की जाएगी। यह स्वीकृति भारत सरकार की ‘पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज स्थापना योजना’ के तहत दी गई है। चारों जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना केंद्र-राज्य की मदद से होगा। परियोजना का संचालन वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के डिपार्टमेंट ऑफ ईकोनॉमिक अफेयर द्वारा संचालित व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण, यानी वीजीएफ (वायबिलिटी गैप फंडिंग) की उप योजना 1 एवं 2 के अंतर्गत कार्यान्वित की जाएगी।

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इन योजनाओं के तहत कार्यान्वित होंगे कॉलेज
मेडिकल कॉलेज धनबाद परियोजना वीजीएफ उपयोजना-1 के तहत, खूंटी, जामताड़ा व गिरिडीह मेडिकल कॉलेज परियोजना वीजीएफ उपयोजना-2 के तहत कार्यान्वित होंगे। इस उप योजना-2 के तहत भारत सरकार 40% पूंजीगत व्यय सहायता तथा 25% परिचालन व्यय सहायता प्रदान करेगी। जबकि, झारखंड सरकार 25% से 40% तक पूंजीगत व्यय तथा 15% से 25% तक परिचालन व्यय सहायता के रूप में योगदान देगी। उपयोजना-1 के तहत पूंजीगत सहायता के रूप में भारत सरकार से 30 प्रतिशत तथा राज्य सरकार से 30 प्रतिशत के अनुपात में प्रदान की जाएगी।

जिलों में खुलेंगे नए कॉलेज
खूंटी 50 एमबीबीएस सीटें

जामताड़ा 100 एमबीबीएस सीटें

धनबाद 100 एमबीबीएस सीटें

गिरिडीह 100 एमबीबीएस सीटें

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