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MP में DA 5% बढ़ा, रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलेगा एकमुश्त भुगतान, एरियर 6 किस्तों में

By Admin|16 Apr 2026, 1:06 PM
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भोपाल 

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य की मोहन सरकार ने  छठे वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की है। इस संबंध में वित्त विभाग, मप्र शासन ने 15 अप्रैल 2026 को आदेश भी जारी कर दिए हैं। एरियर का भुगतान किस्तों में किया जाएगा।

वित्त विभाग के आदेशानुसार, छठे वेतनमान (6th Pay Commission) के अंतर्गत वेतन पा रहे कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 5 फीसदी की वृद्धि की गई है। इसके बाद महंगाई भत्ते की दर 252 फीसदी से बढ़कर 257 फीसदी हो गई है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मई 2026 में मिलने वाले अप्रैल के वेतन के साथ जुड़कर आएगा।

चुंकी यह वृद्धि 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी, ऐसे में जुलाई 2025 से मार्च 2026 (9 महीने) तक एरियर 6 किस्तों में दिया जाएगा। एरियर की किस्तें मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में वेतन के साथ खाते में जमा की जाएंगी। जिन कर्मचारी या अधिकारी इस अवधि के दौरान रिटायर्ड हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है उनके नामांकित सदस्य को एरियर की राशि एकमुश्त दी जाएगी।

इसके अलावा पांचवें वेतनमान का लाभ पाने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 8 फीसदी और चतुर्थ वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होंगी। एरियर की राशि 6 किस्तों में दी जाएगी। बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत आने वाले 7.50 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और 4.50 लाख पेंशनधारकों की महंगाई राहत में 3 फीसदी की वृद्धि की थी।

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एरियर का भुगतान करेगी मोहन सरकार
DA का लाभ सरकार 1 जुलाई 2025 से देगी. इस तरह से जुलाई 2025 और अप्रैल 2026 के बीच के महीनों के लिए सरकार एरियर देगी. इसके लिए सरकार एरियर का भुगतान करेगी. एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को बकाया राशि 6 किस्तों में दी जाएगी. राज्य सरकार सातवां वेतनमान पा रहे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता पहले ही 3 फीसदी बढ़ा चुकी है, जिसमें उनका कुल DA 58 प्रतिशत हो गया है। 

कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद
सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है. बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. ताकि वह अपने परिवार की अच्छे से देखभाल कर सकें। 

अब 252% से बढ़कर 257% हुआ DA
बढ़ोतरी के बाद छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हो जाएगा। यह बदलाव अप्रैल 2026 के वेतन से लागू माना जाएगा। यानी इस महीने की सैलरी में कर्मचारियों को बढ़ा हुआ DA मिलना शुरू हो जाएगा।

हालांकि इसका लाभ असल में 1 जुलाई 2025 से दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक यानी नौ महीने का एरियर भी कर्मचारियों को मिलेगा।

एरियर 6 किस्तों में, रिटायर्ड को एकमुश्त
सरकार ने यह भी तय कर दिया है कि नौ महीने का एरियर एक साथ नहीं दिया जाएगा। इसे छह बराबर किस्तों में बांटा जाएगा। यह किस्तें मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में दी जाएंगी। हर किस्त में कर्मचारी को कुल एरियर का छठा हिस्सा मिलेगा।

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जो कर्मचारी या अधिकारी जुलाई 2025 से मार्च 2026 के बीच रिटायर हो चुके हैं, उनके लिए अलग व्यवस्था की गई है। उन्हें एरियर की पूरी राशि एकमुश्त यानी एक ही बार में दी जाएगी। इससे रिटायर्ड कर्मचारियों को भी इस फैसले का पूरा फायदा मिल सकेगा।

सातवें वेतनमान वालों को पहले ही मिली राहत
मध्यप्रदेश सरकार पहले ही सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा चुकी है। उनके DA में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद सातवें वेतनमान वाले कर्मचारियों का कुल DA 58 प्रतिशत हो गया। यह बढ़ोतरी भी अप्रैल के वेतन से लागू की गई है।

यानी अब दोनों वेतनमानों के कर्मचारियों को राहत मिल चुकी है। छठे वेतनमान वालों को 5% और सातवें वेतनमान वालों को 3% की बढ़ोतरी का फायदा अप्रैल की सैलरी से मिलेगा।

क्यों अलग-अलग है DA दोनों के लिए
छठे और सातवें वेतनमान में DA का प्रतिशत इसलिए अलग-अलग दिखता है क्योंकि दोनों की मूल वेतन संरचना अलग है। छठे वेतनमान में मूल वेतन कम होता है इसलिए DA का प्रतिशत ज्यादा रखा जाता है। सातवें वेतनमान में मूल वेतन पहले से अधिक है इसलिए DA का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम होता है।

यह खबर क्यों जरूरी है?
मध्यप्रदेश में छठे वेतनमान के करीब 40 हजार कर्मचारी और अधिकारी हैं। DA बढ़ोतरी का सीधा असर उनकी मासिक आय पर पड़ता है। महंगाई के इस दौर में यह फैसला उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आया है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है और सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखना इसी दिशा में एक कदम है। 

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एरियर को किस्तों में देने का फैसला सरकारी खजाने पर एकमुश्त बोझ से बचाता है, जो वित्तीय अनुशासन के लिहाज से भी सही है। रिटायर्ड कर्मचारियों को एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था सामाजिक न्याय की भावना को दर्शाती है।

यह खबर लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति से जुड़ी है, इसलिए इसकी अहमियत बहुत ज्यादा है।

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