मध्य प्रदेश

किसानों के खाते में आएगी राहत: सोयाबीन उत्पादकों को CM द्वारा 233 करोड़ की योजना राशि दी जाएगी

By Admin|13 Nov 2025, 1:12 PM
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भोपाल 
मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी। आज 13 नवम्‍बर गुरुवार को सीएम डॉ. मोहन यादव भावांतर योजना (Bhavantar Yojana) के तहत प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक 1.33 लाख किसानों के खातों में राशि भेजेंगे। बता दें कि देवास में भावांतर योजना का राज्य स्तरीय उत्सव कार्यक्रम होने जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सीएम मोहन यादव 233 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का अंतरण करेंगे। इसके अलावा देवास जिले के 183 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत के 8 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी सीएम करेंगे।

थोड़ी देर में देवास पहुंचेंगे सीएम

सीएम मोहन यादव थोड़ी देर में देवास पहुंचेंगे। इससे पहले वे सीएम हाउस में वीडियो कॉन्फ्रेंस लेंगे। फिर 11.50 बजे देवास पहुंचेंगे। इस कार्यक्रम के बाद वे दोपहर 01.35 बजे देवास से इंदौर के लिए रवाना हो जाएंगे। यहां वे टेक्नो ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शामिल होंगे।

यहां जानें भावांतर योजना का मॉडल रेट, कितने मिलेंगे पैसे

भावांतर योजना 2025 (bhavantar yojana) के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए बुधवार 12 नवंबर को 4077 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है, जिन्होंने सोयाबीन को उपज मंडियों में विक्रय किया है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को जारी किया गया था, यह 4020 रुपए प्रतिक्विंटल था। फिर 8 नवंबर को यह 4033 रुपए किया गया, 9 और 10 नवंबर को यह 3 रुपए बढ़कर 4036 रुपए प्रतिक्विंटल हो गया। वहीं 11 नवंबर को मॉडल रेट 4056 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया।

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अब तक 9.36 किसानों का रजिस्ट्रेशन

मध्य प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए शुरू की गई भावांतर योजना के तहत 3 से 17 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया संपन्न की गई। इस दौरान प्रदेश के 9.36 पात्र किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। प्रदेश के उज्जैन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, देवास, सागर समेत 7 जिलों से 50-50 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसी तरह 21 जिलों से 10-10 हजार से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।

ऐसे समझें क्या है भावांतर योजना का गणित

प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय करने की अवधि तय की गई है। यदि किसानों की सोयाबीन एमएसपी से कम कीमत पर बिकती है, तो किसानों को होने वाले घाटे की भरपाई मध्य प्रदेश सरकार भावांतर योजना के माध्यम से करेगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अंतर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी।

हेल्प लाइन नंबर जारी, परेशानी या समस्या हो तो यहां कर सकेंगे बात

भावांतर योजना को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए किसानों, व्यापारी संगठनों, मंडी बोर्ड, मंडी समितियों के अधिकारियों की सुविधा के लिए भावांतर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी शुरू किया गया है। यह सेंटर सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक निरंतर कार्य करेगा। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी लेने या समस्या पर बात इस नंबर 0755-2704555 पर की जा सकेगी।

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