मध्य प्रदेश

हाईकोर्ट ने सागर जेल अधीक्षक पर 25 हजार का जुर्माना लगाया, याचिकाकर्ता को मुआवजा का दावा करने की छूट

By Admin|13 Dec 2025, 2:52 PM
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जबलपुर 

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सजा पूरी होने के बावजूद एक युवक को जेल में अवैध रूप से रखे जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सागर जेल अधीक्षक पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। 

जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने यह आदेश टीकमगढ़ जिले के युवक अरविंद कुशवाहा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता भी दी है कि वह 17 दिनों की अवैध हिरासत के लिए उचित मुआवजा पाने के लिए दावा कर सकता है।

चोरी के मामले में हुई थी जेल

टीकमगढ़ जिले के डीगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मड़वारा निवासी अरविंद कुशवाहा को डीजे वाहन से एम्प्लीफायर चोरी के आरोप में 5 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था। ट्रायल के बाद कोर्ट ने उसे एक साल की सजा सुनाई थी। सजा की अवधि 4 नवंबर 2025 को पूरी हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद अरविंद को 20 नवंबर 2025 तक जेल में रखा गया।

सजा के बाद हिरासत में रखने को दी थी चुनौती

इस अवैध हिरासत को चुनौती देते हुए अरविंद कुशवाहा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजना यादव ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल को अब रिहा कर दिया गया है, लेकिन उसे 17 दिनों तक गैरकानूनी रूप से जेल में रखा गया, जो गंभीर लापरवाही का मामला है।

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