छत्तीसगढ़

खेती-किसानी, लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन की दिखेगी जीवंत झलक

By Admin|11 Aug 2026, 10:46 PM
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रायपुर

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जनजीवन की पहचान हरेली तिहार के अवसर पर 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में हरेली का यह लोकपर्व पूरे पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी रंग में मनाया जाएगा। संस्कृति विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम प्रातः 10 बजे प्रारंभ होगा।

हरेली छत्तीसगढ़ का प्रमुख और पहला लोकपर्व माना जाता है। खेती-किसानी से गहराई से जुड़ा यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अच्छी फसल की कामना और ग्रामीण जीवन के सामूहिक उल्लास का प्रतीक है। सावन की हरियाली के बीच मनाया जाने वाला हरेली तिहार प्रदेश की कृषि प्रधान संस्कृति और प्रकृति के साथ छत्तीसगढ़ के आत्मीय संबंध को अभिव्यक्त करता है।

हरेली के दिन किसान अपने कृषि उपकरणों और हल-नांगर की साफ-सफाई कर उनकी पूजा करते हैं। खेती में उपयोग होने वाले औजारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। गांवों में घरों और चौपालों में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हरेली की खुशियां साझा की जाती हैं। गेड़ी चढ़ने की परंपरा और विभिन्न छत्तीसगढ़ी खेल इस पर्व के उत्साह को और बढ़ाते हैं।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भी छत्तीसगढ़ की इन्हीं लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। आयोजन स्थल को हरेली की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश में सजाया जाएगा। खेती-किसानी से जुड़ी पारंपरिक वस्तुओं, कृषि उपकरणों और लोक संस्कृति के विविध प्रतीकों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।

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कार्यक्रम में हरेली से जुड़ी पारंपरिक गतिविधियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों और लोक संस्कृति के विविध रंगों के साथ उत्सव का वातावरण निर्मित होगा। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की समृद्ध विरासत से जोड़ना भी है।

हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की उस जीवन पद्धति का प्रतीक है जिसमें प्रकृति, कृषि और संस्कृति एक-दूसरे से अभिन्न रूप से जुड़े हैं। यह पर्व किसान और खेती के सम्मान के साथ सामूहिकता, प्रकृति संरक्षण और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, तीज-त्योहारों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार का आयोजन इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की माटी, महतारी, खेती-किसानी और लोकजीवन के गौरव का उत्सव बनेगा।

 

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