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CG : देवाड़ांड-1 रेत खदान के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न

By lokesh sharma|28 Apr 2026, 4:00 PM
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इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी से केशल राम साहू बने अधिमानी बोलीदार

एमसीबी/ जिला में खनिज संसाधनों के पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के तहत देवाड़ांड-1 रेत खदान के लिए ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है। इस प्रक्रिया के माध्यम से शासन द्वारा रेत खदानों के आवंटन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं प्रतिस्पर्धात्मक व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक तकनीकी प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया गया।


देवाड़ांड-1 रेत खदान के लिए आयोजित इस ई-नीलामी प्रक्रिया में कुल 74 इच्छुक बोलीदारों ने भाग लिया, जो इस खदान के प्रति व्यापक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक महत्व को दर्शाता है। तकनीकी परीक्षण एवं दस्तावेजों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद 73 बोलीदारों को पात्र तथा 1 बोलीदार को अपात्र घोषित किया गया। इसके पश्चात पात्र बोलीदारों के बीच रिवर्स ऑक्शन की प्रक्रिया संचालित की गई, जहां एक असाधारण स्थिति उत्पन्न हुई जब सभी पात्र प्रतिभागियों द्वारा समान एवं न्यूनतम बोली प्रस्तुत की गई।


ऐसी विशेष परिस्थिति में शासन के निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के तहत निष्पक्षता बनाए रखने के लिए 27 अप्रैल 2026 को इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी प्रणाली का उपयोग किया गया। यह प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल एवं तकनीकी रूप से सुरक्षित वातावरण में संपन्न हुई, जिससे किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप या पक्षपात की संभावना समाप्त हो सके। इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी के परिणामस्वरूप केशल राम साहू का चयन देवाड़ांड-1 रेत खदान के अधिमानी बोलीदार के रूप में किया गया। खनिज विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पूरी ई-नीलामी प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप अत्यंत पारदर्शी, निष्पक्ष एवं तकनीकी सुरक्षा मानकों के साथ संपन्न कराई गई है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य खनिज संसाधनों के आवंटन में सुशासन सुनिश्चित करना तथा राजस्व संग्रहण को सुदृढ़ बनाना है।

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अधिकारियों के अनुसार अधिमानी बोलीदार के चयन के उपरांत अब आवश्यक वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण की जाएंगी, ताकि देवाड़ांड-1 रेत खदान का संचालन समयबद्ध रूप से प्रारंभ किया जा सके। खदान संचालन शुरू होने से क्षेत्र में रेत की उपलब्धता बेहतर होगी, जिससे निर्माण कार्यों में सुगमता आएगी और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी। इस पहल से न केवल शासन को राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। खदान संचालन से परिवहन, श्रम एवं सहायक सेवाओं के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन द्वारा अपनाई गई यह पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया सुशासन, संसाधन प्रबंधन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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