मध्य प्रदेश

भोपाल मेट्रो आखिरी टेस्ट के मोड़ पर, CMRS दो दिन तक जांचेगी हर नट-बोल्ट

By Admin|25 Sep 2025, 2:01 PM
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भोपाल 
कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंच गई है। गुरुवार और शुक्रवार को टीम निरीक्षण करेगी। कमिश्नर जनक कुमार गर्ग भी साथ हैं। इसके बाद एक और टीम भोपाल पहुंचेंगी। मेट्रो के लिए सीएमआरएस का दौरा सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि 'ओके' रिपोर्ट का फाइनल होना। 

मेट्रो अफसरों की माने तो ये टीमें ट्रैक के नट-बोल्ट से लेकर सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो तक देखेगी। निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम 'ओके' रिपोर्ट देगी। इसके बाद कमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी।

मुंबई से आई है टीम सीएमआरएस की टीम मुंबई से आई है। इस टीम के जिम्मे डिपो और गाड़ी है। डिपो में मेट्रो की सभी जरूरतें जानी जाएगी। वहीं, मेट्रो के अंदर फंक्शन, सॉफ्टवेयर के बारे में जानेगी। यदि कहीं कोई खामी मिलती है तो उसे तुरंत सुधरवाएगी। यह टीम डिपो के अंदर ही रहेगी।इसके बाद दूसरी टीम ट्रैक का निरीक्षण करेगी। हर वो बात जानेगी, जो मेट्रो के संचालन के लिए जरूरी है। टीम ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है।

अक्टूबर में कमर्शियल रन प्रस्तावित बता दें कि अक्टूबर में मेट्रो का कमर्शियल रन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। 31 मई को इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से भोपाल मेट्रो को लेकर तेजी से काम शुरू हो गया। मेट्रो के जिन 3 स्टेशन के काम बचे हैं, उन पर फोकस किया जा रहा है।

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आरडीएसओ से मिल चुकी ओके रिपोर्ट भोपाल मेट्रो के लिए सबसे पहले रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम आ चुकी है। इस टीम की रिपोर्ट ओके आई। इसके निरीक्षण के बाद सीएमआरएस को डॉक्युमेंट्स सबमिट किए गए। फिर निरीक्षण की तारीख 25-26 सितंबर फाइनल हुई।

साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो चुका है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के कुछ काम बाकी है, जो पूरे किए जा रहे हैं। रेल ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं।

दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

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