मध्य प्रदेश

अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

By Admin|23 Sep 2025, 8:16 PM
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13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी।

हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा।

इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा।

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सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी।

अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी।

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सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे।

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