मध्य प्रदेशराज्‍य

MP में शिक्षक बनने का रास्ता आसान, दोहरी परीक्षा व्यवस्था समाप्त

By Admin|24 May 2026, 9:31 AM
f X W

 भोपाल

Advertisement
Advertisement

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब शिक्षक भर्ती के लिए अलग से चयन परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। उम्मीदवारों को केवल शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी और उसी के आधार पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने इस नई व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के लिए “कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम-2026” का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। संभावना है कि यह नियम अगले एक माह के भीतर लागू कर दिए जाएंगे। जुलाई व अगस्त में माध्यमिक व प्राथमिक पात्रता परीक्षा से इसकी शुरुआत होगी।

दोहरी परीक्षा प्रणाली होगी समाप्त

अब तक उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पहले पात्रता परीक्षा और उसके बाद चयन परीक्षा आयोजित की जाती थी। इस व्यवस्था के कारण अभ्यर्थियों को दो बार आवेदन करना पड़ता था और अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी करनी पड़ती थी। नई प्रणाली लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया आसान हो जाएगी और केवल एक परीक्षा के आधार पर भर्ती की जाएगी।

वर्ष 2018 में आयोजित उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षक भर्ती में भी एकल परीक्षा प्रणाली अपनाई गई थी। उस समय करीब 21 हजार पदों पर भर्ती की गई थी। हालांकि बाद में शिक्षक भर्ती-2023 और प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2024 में फिर दो चरणों वाली परीक्षा प्रणाली लागू कर दी गई थी। अब विभाग फिर से पुरानी एकल परीक्षा व्यवस्था लागू करने जा रहा है।

READ ALSO  प्रतिभा को तकनीक से जोड़कर मेधावियों के सपनों को नई उड़ान दे रही MP सरकार: CM डॉ. यादव

सरकारी शिक्षकों के लिए स्कोर कार्ड की वैधता दो वर्ष

नई व्यवस्था के तहत सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए जारी स्कोर कार्ड की वैधता दो वर्ष तक रहेगी। यदि इस अवधि में अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं मिलती है तो उसे दोबारा परीक्षा देनी होगी। भर्ती के लिए विभागीय पोर्टल पर रिक्त पदों की जानकारी जारी की जाएगी और मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।

निजी स्कूलों में भी पात्रता परीक्षा अनिवार्य

निजी स्कूलों में भी अब केवल पात्रता परीक्षा पास अभ्यर्थियों की ही नियुक्ति की जाएगी। हालांकि निजी विद्यालय किसी भी वर्ष की पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवार को नियुक्त कर सकेंगे। निजी स्कूलों के लिए स्कोर कार्ड की वैधता आजीवन रहेगी।
अभ्यर्थियों को आर्थिक राहत

नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा। पहले सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को पात्रता परीक्षा और चयन परीक्षा दोनों के लिए अलग-अलग 500 रुपये शुल्क देना पड़ता था। हर वर्ष लगभग पांच से छह लाख अभ्यर्थी इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं। अब एक ही परीक्षा होने से समय और धन दोनों की बचत होगी।

स्कोर सुधारने का मिलेगा मौका

ईएसबी अधिकारियों के अनुसार नई प्रणाली में अभ्यर्थियों को भविष्य में अपने स्कोर में सुधार करने का अवसर भी मिलेगा। उम्मीदवार चाहें तो दोबारा परीक्षा देकर बेहतर अंक प्राप्त कर सकते हैं।

अब शिक्षक भर्ती के लिए सिर्फ पात्रता परीक्षा होगी। चयन परीक्षा नहीं होगी। आजीवन वैध रहेगा, लेकिन अभ्यर्थी चाहें तो अपने स्कोर में सुधार के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।- केके द्विवेदी, संचालक, स्कूल शिक्षा विभाग

READ ALSO  भोपाल के कोलार में सीलिंग कार्रवाई का विरोध, बाजार से लेकर D-Mart तक बंद; व्यापारियों का प्रदर्शन जारी

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins