मध्य प्रदेश

विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर अब ग्राम पंचायतें भी बसाएंगी कॉलोनियां

By Admin|18 Sep 2025, 9:02 AM
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विदिशा
 मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतें भी शहरों में गृह निर्माण मंडल और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की तरह आधुनिक आवासीय कालोनियां विकसित करेंगी। शुरुआत विदिशा जिले से हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने जिले की 12 ग्राम पंचायतों के 14 गांवों को इसके लिए चिन्हित किया है। इन गांवों में कॉलोनी बनाने के लिए पंचायतों को जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गांवों में आधुनिक आवासीय कालोनियों का विचार जिला प्रशासन का है। तय हुआ कि एकीकृत टाउनशिप नीति के तहत शहरी क्षेत्रों से लगे गांवों में भी इस तरह की सुविधा विकसित की जाए। उसके बाद जिला पंचायत ने जनपद पंचायतों से ऐसे गांवों के नाम मांगे थे, जहां शासकीय भूमि उपलब्ध हो, गांव शहरी सीमा से सटे हों और क्षेत्रफल व आबादी के लिहाज से बड़े हों। इस मापदंड पर 13 गांवों की सूची बनाई गई है, जहां कालोनियां विकसित की जानी है।

विदिशा से प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है

इन गांवों को दो एकड़ से पांच एकड़ तक की जमीन कॉलोनी विकसित करने के लिए आवंटित की गई है। जिन गांवों में ये कालोनियां बननी हैं, उनकी नजदीकी कस्बे से दूरी 500 मीटर से 10 किमी तक है। यहां कॉलोनियों के विकास की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को दी गई है। विदिशा से यह प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है, जिसमें ग्राम पंचायत प्लाट बेचेंगी। उसपर भवन निर्माण खरीददार ही करेंगे।

इस योजना के क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियां भी हैं। पिपलधार ग्राम पंचायत की सरपंच केसर बाई रामराज सिंह यादव का कहना है कि उनके गांव पट्टन में 0.65 हेक्टेयर जमीन कॉलोनी के लिए आवंटित हुई है। गांव बड़ा है, इस योजना से लोगों को काफी फायदा होगा, लेकिन जो जमीन आवंटित है उसके बड़े हिस्से पर अतिक्रमण है। उसे हटाना हमारे लिए बड़ी चुनौती होगा।

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2000 वर्गफीट तक के भूखंड होंगे

योजना के मुताबिक इन ग्रामीण कालोनियों में भूखंड का आकार 800 वर्गफीट से लेकर दो हजार वर्गफीट तक होगा। उनकी कीमत ग्राम पंचायत तय करेगी।

योजनाबद्ध विकास होगा

इनका विकास योजनाबद्ध होगा। सबसे पहले सड़कों का निर्माण होगा। इसके साथ ही बिजली, पानी और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसकी निगरानी जिला एवं जनपद पंचायतें करेंगी। शुरुआती विकास पंचायत के बजट से होगा और बाद में प्लाट बिकने पर विकास कार्यों की गति बढ़ाई जाएगी।

इन 14 गांवों में बनेगी पहली कॉलोनी

गंज पंचायत का पठारी बासौदा, ग्यारसपुर विकासखंड का खुजराहर, सिरोंज का बगरोदा, चौड़ाखेड़ी पंचायत का कमरिया, नटेरन का रुसल्ली, पट्टन और डंगरवाड़ा, कुरवाई का मेहलुआ चौराहा और पठारी, लटेरी का मुरवास तथा विदिशा विकासखंड का ढोलखेड़ी, रंगई, करैयाहवेली और आमखेड़ा हवेली।

कॉलोनियों में सभी सुविधाएं दी जाएंगी

    पंचायतों में कॉलोनियां बनाने के लिए शहर से सटी और बड़ी पंचायतों का चयन किया गया है। यहां शहरों की तरह बिजली, सड़क और पानी जैसी सभी सुविधाएं दी जाएंगी। भूमि आवंटित कर दी गई है और अब लेआउट डिजाइन पर काम शुरू कर दिया गया है। – ओपी सनोडिया, सीईओ, जिला पंचायत, विदिशा

 

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