बिहार / झारखण्डराज्‍य

अब 10 दिन में मिलेगी जमीन की पूरी कानूनी जानकारी

By Admin|11 Jul 2026, 9:21 PM
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पटना
बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों के लिए आज से राहत देने वाली व्यवस्था शुरू होने गई है. राज्य में होने वाले सबसे अधिक आपराधिक मामलों और कोर्ट-कचहरी के मुकदमों की मुख्य वजह जमीन विवाद ही रहा है. इसी विवाद पर हमेशा के लिए लगाम लगाने के मकसद से सम्राट सरकार ने यह फैसला लिया है. 11 जुलाई 2026 से लागू हो रही इस नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी व्यक्ति अगर जमीन खरीदेगा, तो उसे रजिस्ट्री से पहले उस भूमि की आधिकारिक और अपडेटेड कानूनी स्थिति की पूरी गारंटी दी जाएगी. इस काम को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित अंचल के सीओ या राजस्व अधिकारी को महज 10 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी.

एक ही जमीन को दो बार बेचने के खेल पर लगेगा ब्रेक
बिहार में पिछले कुछ समय से ऐसे ठगी और धोखाधड़ी के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं, जहां जालसाज एक ही जमीन को दो अलग-अलग खरीदारों को बेच देते हैं. ऐसे मामलों में आम लोग अपनी पूरी जिंदगी की गाढ़ी कमाई लगाने के बाद भी ठगे जाते हैं और न्याय की गुहार लगाते हुए सालों-साल अदालतों के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं. अब तक आम आदमी के लिए रजिस्ट्री से पहले जमीन की सही और कानूनी स्थिति का पता लगाना बेहद पेचीदा और मुश्किल काम था. अगर लोग अपने स्तर से कोशिश करते भी थे, तो बिचौलियों या स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी कितनी सही और प्रामाणिक है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती थी. सरकार की इस नई पहल से अब आम जनता को इन तमाम फर्जीवाड़ों से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी.

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अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
इस नई व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता और तेजी के साथ धरातल पर उतारने के लिए उप निबंधन महानिरीक्षक संजय कुमार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उप निदेशक को पत्र लिखकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि निबंधन से पहले खरीदार द्वारा आवेदन किए जाने पर संबंधित सीओ या राजस्व अधिकारी को हर हाल में 10 दिनों के भीतर भूमि से जुड़ी अद्यतन (अपडेटेड) रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध करानी होगी.

फिलहाल बिहार में जमीन निबंधन का पूरा काम ई-निबंधन सॉफ्टवेयर के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है. आवेदकों को बिना किसी देरी के सटीक जानकारी मिल सके, इसके लिए राज्य के सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जा चुकी है और उनके यूजर आईडी व पासवर्ड भी एक्टिवेट कर दिए गए हैं.

दफ्तरों के चक्कर काटने से राहत, अब दाखिल-खारिज भी होगी बेहद आसान
इस नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से जमीन खरीदारों को अब किसी भी सरकारी दफ्तर या अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने होंगे. आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और महज 10 दिनों में आधिकारिक सरकारी रिपोर्ट मिल जाएगी कि जमीन पर पहले से कोई विवाद, लोन या कानूनी उलझन तो नहीं है.

जब लोग इस प्रामाणिक जानकारी के बाद पूरी तरह विवाद रहित जमीन की खरीदारी करेंगे, तो भविष्य में म्यूटेशन यानी दाखिल-खारिज कराने में भी उन्हें किसी भी तरह की अड़चन या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

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