मध्य प्रदेश

MP सरकार की नई पहल: मार्च में इंदौर, फिर उज्जैन में सुगम परिवहन सेवा, कम किराए का लाभ

By Admin|10 Sep 2025, 6:04 PM
f X W

इंदौर
 मध्य प्रदेश में सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डेडलाइन तय कर दी है। अब हर हाल में मार्च के पहले बसों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। सबसे पहले इंदौर और इसके बाद उज्जैन से सेवा प्रारंभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय में परिवहन विभाग के कामकाज की समीक्षा की। यहां अधिकारियों ने बताया कि अब यातायात नियम तोड़ने पर चालानी कार्रवाई का अधिकार प्रधान आरक्षक को भी दिया जाएगा।

Advertisement
Advertisement

इस संबंध में शीघ्र ही अधिसूचना जारी होने वाली है। बता दें कि वर्ष 2006 में मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम बंद होने के बाद से सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे और श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और सर्वे भी लगभग पूरा हो गया है।

वाहनों की स्पीड पर नियंत्रण जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंतरविभागीय बैठक नियमित रूप से हो। सड़कों पर सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाए। बस स्टाप पर नागरिकों को साफ-सफाई के साथ आवश्यक सुविधाएं मिलें। परिवहन विभाग की राजस्व संग्रह निगरानी प्रणाली को और मजबूत करें। वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। इसके साथ गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास आवश्यक कागजों की वैधता की जांच भी नियमित हो। परिवहन विभाग में बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया।

READ ALSO  ओरछा में जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस को घेरा, जाति की राजनीति और युवाओं को लेकर साधा निशाना

सुगम परिवहन सेवा में हो कम से कम किराया

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और कम से कम किराये पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसमें इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग को प्रोत्साहित करें। परिवहन सेवा के लिए बने नियमों का सख्ती से पालन हो। बसों में शहरों एवं गांवों के नाम सामने के कांच पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं।

इसके साथ ही बस स्टाप पर भी गांव और नगरों के नाम लिखे हों। यात्री बसों का बीमा अनिवार्य हो। सभी कार्य नियमों के अंतर्गत हों, पारदर्शिता रहे। दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाए। बसें फिट हों, स्टाफ का व्यवहार अच्छा हो। अप-डाउनर्स को भी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं।
इस वर्ष 16 लाख 60 हजार नए वाहन आए, जिनमें 15 प्रतिशत ईव्ही

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 16 लाख 60 हजार वाहनों का पंजीयन किया गया है। इसमें 2 लाख 58 हजार यानी 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल वाहन हैं। प्रदेश में आन रोड वाहनों की संख्या एक करोड़ 80 लाख के करीब है। परिवहन से प्राप्त होने वाली राजस्व में पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में राजस्व वृद्धि के किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins