मध्य प्रदेश

पशुपालन विभाग की जमीन पर कब्जे का मामला उजागर, अनंतपुरा कोकता में 10 दिन में जवाब मांगा गया

By Admin|10 Sep 2025, 1:22 PM
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भोपाल 
भोपाल के अनंतपुरा कोकता में पशुपालन विभाग की जमीन पर कब्जे के मामले में नोटिस जारी किए गए हैं। गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा ने 36 लोगों से 10 दिन में जवाब मांगा है। जिसमें कब्जे से जुड़ी पूरी जानकारी शामिल रहेगी। 

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बता दें, डायमंड सिटी के 20 मकान भी जद में है। इसके अलावा खेती कार्य के लिए कब्जा करने पर 8, कॉलोनी के पहुंच मार्ग के लिए 4 नोटिस दिए हैं। इसके अलावा बीपीएस स्कूल, द ग्रीन स्केप मेंशन शादी हॉल/रिसोर्ट समेत एक हॉस्टल और एक दुकान संचालक को भी नोटिस दिए हैं।

पक्ष रख चुके लोग, कहा-कोई लेना नहीं सीमांकन के दौरान निशान और जमीन पर खूटियां लगाई गई थी। इससे स्पष्ट हो गया था कि प्रशासन किन लोगों को नोटिस देगा। इसलिए लोग एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव को अपनी पीड़ा सुना चुके हैं। वहीं, कई लोग पहले से ही अपना पक्ष बता चुके थे।

स्कूल के लिए 2400 स्क्वायर फीट जमीन दिसंबर 2021 में सिद्धार्थ सिन्हा ने खरीदी थी। जमीन की जानकारी जुटाई तो यह सही बताई गई थी। इसके बाद एसडीएम ऑफिस से नामांतरण कराया। सभी अनुमति लेने के बाद ही बिल्डिंग बनाई और स्कूल संचालित करना शुरू किया। स्कूल को लेकर भी जिला शिक्षा विभाग से सभी अनुमति और मान्यता प्राप्त की गई।

लोगों का भी कहना है कि जमीन खरीदते समय सारे रिकॉर्ड देखें थे। डायवर्जन, रजिस्ट्री, नक्शे, नामांकन कराया। सरकारी तौर पर जब बटांकन कराया तो आरआई-पटवारी आए। उन्होंने ही बताया था कि उनके हिस्से में कहीं कोई सरकारी जमीन नहीं है।

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सीमांकन में इतना कब्जा मिला था सीमांकन रिपोर्ट के अनुसार, 4 कॉलोनी के गेट, सड़क और पार्क भी कब्जे में शामिल हैं। वहीं, डायमंड सिटी कॉलोनी में 20 मकान, एक प्राइवेट स्कूल, शादी हॉल/रिसोर्ट, 1 एकड़ जमीन पर खेती, फार्म हाउस और पक्का निर्माण और 130 डेसीमल भूमि पर अवैध तरीके से खेती करना पाया गया।

दुकानें, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पेट्रोल पंप नगर निगम के हैं। वहीं, बायपास का 200 फीट हिस्सा भी पशुपालन विभाग की जमीन पर ही निकला था। ऐसे में इन्हें सरकारी प्रक्रिया में कोई राहत मिल सकती है।

अब तक यह प्रक्रिया हुई

    27 अगस्त को गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव, तहसीलदार सौरभ वर्मा की मौजूदगी में 11 पटवारी और 3 राजस्व निरीक्षकों ने सीमांकन शुरू किया था।
    तीन दिन के भीतर सीमांकन कार्य पूरा हो गया। इसके बाद रिपोर्ट एसडीएम और तहसीलदार को दी गई। रिपोर्ट में बताया गया कि किस रकबे में किसका और कितना कब्जा है?
    इसी बीच 2 सितंबर को डायमंड सिटी समेत आसपास रहने वाले कई लोग एसडीएम ऑफिस पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।
    3 सितंबर को यह रिपोर्ट एसडीएम श्रीवास्तव और तहसीलदार वर्मा ने कलेक्टर को पेश की।
    8-9 सितंबर को चिंह्नित कब्जाधारियों को नोटिस भेजे गए।
    नोटिस में 10 दिन की मोहलत दी गई है।

इसलिए किया गया था सीमांकन 34 साल बाद पशुपालन विभाग को सीमांकन के पीछे भोपाल के मछली परिवार पर हुई कार्रवाई है। ड्रग्स और रेप केस के मामले में इस परिवार के दो सदस्य जेल में बंद है, जबकि अन्य पर भी कार्रवाई की जा रही है।

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इसके बाद 30 जुलाई और फिर 21 अगस्त को जिला प्रशासन ने दो बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 बड़े अवैध निर्माण जमींदोज कर दिए। ये सभी सरकारी जमीन पर बनाए जाना सामने आए। इस जमीन की कीमत सवा सौ करोड़ रुपए आंकी गई।

इसी बीच पशुपालन विभाग ने गोविंदपुरा एसडीएम श्रीवास्तव और तहसीलदार वर्मा को एक आवेदन दिया, जिसमें कहा गया कि उनकी जमीन पर भी कब्जा हो सकता है। इसलिए सीमांकन किया जाए।

प्रशासन ने पड़ताल की तो कब्जे की बात सही निकली। इसके बाद मछली परिवार समेत 20 लोगों को नोटिस दिए गए। इन्हें भी सीमांकन के दौरान मौजूद रहने को कहा गया था। हालांकि, मछली परिवार की तरफ से वकीलों ने अपना पक्ष भी रखा। कहा कि जमीन पर उनका कब्जा नहीं है।

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