मध्य प्रदेशराज्‍य

अब खतरे वाले इलाकों में जाएंगे रोबोट! भोपाल MANIT में तैयार हो रही भविष्य की स्मार्ट मशीनें

By Admin|20 May 2026, 9:42 AM
f X W

भोपाल

भोपाल: राजधानी का मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानि मैनिट अब सिर्फ इंजीनियरिंग केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य की रोबोटिक क्रांति की प्रयोगशाला बनता जा रहा है. यहां ऐसे स्मार्ट रोबोट और एडवांस ड्रोन तैयार किए जा रहे हैं, जो खदानों, सीवर लाइन, जहरीली गैस वाले इलाकों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के मिशन में इंसानों की जगह काम करेंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस ये मशीनें उन जगहों पर भेजी जाएंगी, जहां हर कदम पर जान का खतरा होता है। 

मैनिट में भविष्य की रोबोटिक टेक्नोलॉजी
मैनिट स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर और आईओटी एंड रोबोटिक्स लैब में कई हाईटेक प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है. यहां वैज्ञानिक और रिसर्चर्स ह्यूमनॉइड रोबोट, क्वाड्रेट रोबोट और एडवांस सर्विलांस ड्रोन विकसित कर रहे हैं. इन मशीनों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और रिस्क एरिया में बिना मानवीय हस्तक्षेप के काम कर सकें. यह तकनीक आने वाले समय में औद्योगिक सुरक्षा और सामरिक मिशनों में बड़ा बदलाव ला सकती है। 

जहां इंसान नहीं पहुंच सकते, वहां जाएंगे ये रोबोट
खदानों, केमिकल इंडस्ट्री और गैस रिस्क एरिया में अक्सर जहरीली गैसों के रिसाव या आक्सीजन की कमी के कारण बड़े हादसे होते हैं. ऐसे हालात में इंसानों को भेजना बेहद खतरनाक साबित होता है. मैनिट में तैयार किए जा रहे रोबोट्स को खासतौर पर ऐसे ही क्षेत्रों के लिए डिजाइन किया जा रहा है. ये मशीनें खतरनाक जगहों पर जाकर डेटा जुटाएंगी, गैस लेवल की जांच करेंगी और रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगी. इससे रेस्क्यू ऑपरेशन ज्यादा सुरक्षित और तेज हो सकेंगे। 

READ ALSO  फर्जी राशन कार्ड पर सरकार की बड़ी कार्रवाई, बिहार में 35 लाख कार्ड रद्द; लाखों नए लाभार्थियों को फायदा

चार पैरों वाले क्वाड्रेट रोबोट होंगे खास आकर्षण
मैनिट की लैब में विकसित किए जा रहे क्वाड्रेट रोबोट सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. चार पैरों पर चलने वाले ये रोबोट ऊबड़-खाबड़ रास्तों, पहाड़ी इलाकों और संकरी सुरंगों में आसानी से मूव कर सकते हैं. इनकी डिजाइनिंग ऐसी की जा रही है कि वे इंसानों की तरह संतुलन बनाए रखते हुए कठिन परिस्थितियों में भी लगातार काम कर सकें. भविष्य में इनका उपयोग सेना, आपदा प्रबंधन और इंडस्ट्रियल सर्विलांस में किया जा सकता है। 

हाई-अल्टीट्यूड मिशन के लिए बन रहे एडवांस ड्रोन
मैनिट के प्रोफेसर मितुल कुमार अहिरवार ने बताया कि "रोबोटिक्स प्रोजेक्ट के साथ-साथ मैनिट में हाई-अल्टीट्यूड ड्रोन टेक्नोलॉजी पर भी रिसर्च चल रही है. ये ड्रोन पहाड़ी क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों और जटिल संरचनाओं की निगरानी कर सकेंगे. खराब मौसम या जोखिम वाले क्षेत्रों में भी इनकी मदद से सटीक सर्विलांस किया जा सकेगा. आपदा प्रबंधन के दौरान यह तकनीक राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। 

कम लागत में तैयार होगी स्वदेशी तकनीक
दरअसल, विदेशी रोबोटिक मशीनों की कीमत काफी अधिक होती है, जिससे उनका बड़े स्तर पर उपयोग मुश्किल हो जाता है. मैनिट की टीम इन रोबोट्स और ड्रोन को कम लागत में विकसित करने पर फोकस कर रही है. रिसर्च का दावा है कि कम बजट के बावजूद इनकी एक्यूरेसी और कार्यक्षमता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. इससे देश में सस्ती और भरोसेमंद रोबोटिक तकनीक उपलब्ध हो सकेगी। 

पेटेंट के बाद बाजार में आएंगी तकनीकें
मैनिट में चल रहे कई प्रोजेक्ट अब एडवांस रिसर्च लेवल तक पहुंच चुके हैं. इन तकनीकों के लिए पेटेंट भी फाइल किए जा चुके हैं. पेटेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन रोबोट्स और ड्रोन को कमर्शियल मार्केट और पब्लिक डोमेन में उतारा जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ये तकनीकें देश की सुरक्षा, इंडस्ट्रियल मानिटरिंग और रिस्की आपरेशंस का चेहरा बदल सकती हैं। 

READ ALSO  दो कंपनियों के साथ एमओयू, खाद्य प्रसंस्करण और अपशिष्ट प्रबंधन में सहयोग पर जोर
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button