मध्य प्रदेश

सरकार का बड़ा फैसला: नए वाहनों पर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट से 50% कम होगा रोड टैक्स

By Admin|09 Sep 2025, 8:03 PM
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नए वाहनों पर "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" से मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट दिये जाने का निर्णय

मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश-2025 की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार कोमंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए बीएस-I और पूर्ववती तथा बीएस-॥ व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों वाले वाहनों को जारी "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" के विरुद्ध पंजीकृत किये जाने वाले नए गैर परिवहन यानों तथा नए परिवहन वाहनों पर 50 प्रतिशत की मोटरयान कर में छूट प्रदान किये जाने की स्वीकृति शर्तों के अधीन प्रदान की गयी है।

स्वीकृति अनुसार समस्त यान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 1 (बीएस-1) मानक और पूर्ववती व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों अनुसार विनिर्मित किये गए है तथा मध्यम मालयान/भारी मालयान/ मध्यम यात्री मोटरयान/भारी पात्री मोटरयान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 2 (बीएस-।।) मानदंडों के अनुसार विनिर्मित किये गए हैं, को इसके तहत छूट प्रदान की गयी हैं।

प्रदेश में वर्ष 2024-25 में 1563 नए वाहन पंजीकरण पर लगभग 17 करोड़ 5 लाख रूपये की छूट प्रदान की गई है। वर्तमान में BS-1 एवं BS-II श्रेणी के लगभग 99 हजार मोटरयान ऑनरोड है। इनको मोटरयान कर में 50% छूट दिए जाने पर 100 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आएगा। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश को 200 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्राप्त होगी। भारत में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत स्टेज (बीएस-1) उत्सर्जन मानदण्डों को सबसे पहले अप्रैल 2000 में लाया गया था।

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स्वीकृति अनुसार जिस व्यक्ति के नाम से तत्समय "Certificate of Deposih धारित होगा उसी व्यक्ति के नाम पर नया वाहन क्रय किये जाने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। वाहन स्वामी दवारा नया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन और लाभ प्राप्त करने के लिए, "Certificate of Deposit एक आवश्यक और पर्याप्त दस्तावेज होगा, इस प्रमाण-पत्र की वैधता जारी होने की तिथि से 3 वर्ष होगी।

"सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉज़िट" इलेक्ट्रॉनिक रूप से विनिमय योग्य होगा। प्रत्येक नए मालिक को "Certificate of Deposit" का हस्तांतरण फॉर्म 2 डी के अनुसार ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। "Certificate of Deposit" का एक बार उपयोग हो जाने पर, उस क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय या डीलर दवारा उसे वाहन डेटाबेस में "रद्द" के रूप में चिह्नित कर दिया जाएगा, जिसके द्वारा उक्त प्रमाण-पत्र के धारक को लाभ प्रदान किया गया है।

मोटरयान कर में छूट तभी प्रदान की जाएगी, जब नया वाहन मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत किसी आर.वी.एस.एफ द्वारा ही जारी "Cerificate of Deposit के विरुद्ध पंजीकृत किया जाये। यदि "Certificate of Deposit" मध्यप्रदेश राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में स्थित आर.वी.एस.एफ. दवारा जारी किया गया हो तो मोटरयान कर में छूट प्रदान नहीं की जाएगी।

जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप किया गया है उसी श्रेणी का नया वाहन क्रय करने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। जीवनकाल कर जमा किये जाने की स्थिति में गैर-परिवहन/परिवहन यानों पर 50% मोटरयान कर में एकमुश्त छूट प्रदान की जाएगी। जिन वाहनों पर मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक आधार पर कर उद्ग्रहित किया जाता है, उन्हें मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक कर में 8 वर्ष तक 50% की छूट प्रदान की जाएगी।

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मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग द्वारा 8 सितंबर 2022 को जारी अधिसूचना के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली मोटरयान कर की छूट उन वाहनों पर लागू नहीं होगी, जिन्हें इस अधिसूचना के अंतर्गत मोटर यान कर छूट प्रदान की गई है।

मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की नगर पालिका परिषद नगर परिषदों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन आगामी आम-निर्वाचन में प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराये जाने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा वर्ष 1999 से 2014 तक लगातार किया जाता रहा है। कोविड महामारी के आ जाने से वर्ष 2019 में निर्वाचन नहीं हो सके। इसके बाद वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया गया। वर्ष 2027 के नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाना है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की संबंधित धाराओं में संशोधन के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

 

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