उत्तर प्रदेशराज्‍य

यूपी में शिक्षा और भविष्य को मिल रही सुरक्षा, कानून के प्रति बढ़ी लोगों की जागरूकता

By Admin|19 May 2026, 11:00 PM
f X W

लखनऊ

Advertisement
Advertisement

 उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती और प्रशासनिक सक्रियता का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। औरैया जिले में प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की संयुक्त कार्रवाई से दो बहनों का बाल विवाह समय रहते रुकवाया गया। इस कार्रवाई ने न सिर्फ दो बेटियों के जीवन और शिक्षा को सुरक्षित किया, बल्कि समाज में कानून के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी संदेश दिया।

यह मामला औरैया जिले के थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र के एक गांव का है। जहां संरक्षण अधिकारी रीना चौहान को 1098 हेल्पलाइन के जरिए सूचना मिली कि दो नाबालिगों का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

जांच में सामने आई नाबालिगों की उम्र

इस दौरान पता चला कि एक बहन की उम्र अभिलेखों में 18 वर्ष दर्ज है, लेकिन जिस लड़के से उसका विवाह तय था, उसकी उम्र मात्र 17 वर्ष 4 माह पाई गई। वहीं दूसरी की उम्र केवल 14 वर्ष 11 दिन निकली। इस प्रकार दोनों विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अवैध पाए गए। रेस्क्यू टीम ने परिजनों को कानून की जानकारी देते हुए बताया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। 

शिक्षा और सुरक्षा योगी सरकार की प्राथमिकता

योगी सरकार लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और बाल श्रम जैसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। इसी का परिणाम है कि प्रशासनिक टीमें संवेदनशील मामलों में तत्काल हस्तक्षेप कर रही हैं। बाल विवाह रोकने की ऐसी घटनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत हैं। इससे न केवल बेटियों को शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और भविष्य को भी मजबूती मिलती है।

READ ALSO  बिहार में महिला सुरक्षा पर फिर सवाल, समस्तीपुर घटना का वीडियो वायरल; दो युवकों की पहचान

सीएम योगी के मार्गदर्शन में तत्काल की जा रही कार्रवाई: निदेशक सी. इंदुमती

महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमती ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही औरैया जिला प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जांच में उम्र वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत निरंतर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, इसके अलावा बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ समय- समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। किसी भी सूचना पर प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयां तत्काल कार्रवाई कर रहीं हैं। हमारा उद्देश्य केवल बाल विवाह रोकना ही नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins