मध्य प्रदेश

छतरपुर-पन्ना में सनसनीखेज मामला: नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के साथ खिला हुआ खिलवाड़, 10 आरोपी गिरफ्तार

By Admin|04 Sep 2025, 3:52 PM
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छतरपुर/पन्ना 
 पन्ना जिले की बाल कल्याण समिति, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के स्टाफ ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की जिंदगी से खिलवाड़ किया. दरअसल, पन्ना जिले की नाबालिग को एक युवक भगाकर ले गया. बाद में नाबालिग को छतरपुर जिले से बरामद किया गया. दुष्कर्म के आरोपी को जेल भेज दिया गया. पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर पर रखा गया. जब आरोपी जेल से छूटकर आया तो पीड़िता को जिम्मेदारों ने उसी के घर भेज दिया. इसके बाद आरोपी ने नाबालिग को लगातार हवस का शिकार बनाया.

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जांच के बाद छतरपुर पुलिस का एक्शन

इस मामले का खुलासा होने पर पन्ना जिला प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया. इसके बाद हुई जांच के आधार पर छतरपुर पुलिस ने बाल कल्याण समिति पन्ना के अध्यक्ष, समिति के पांचों सदस्य, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर के तीनों कर्मचारी और एक अन्य महिला के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस ने जांच में पाया कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बाल कल्याण समिति ने घोर लापरवाही की.

15 साल की लड़की को साथ ले गया युवक

छतरपुर के जुझारनगर थाने में पन्ना के डीपीओ सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. मामले के अनुसार पन्ना जिले के एक गांव में रहने वाली 15 साल की नाबालिग 16 जनवरी 2025 को स्कूल जाने के लिए घर से निकली, फिर लौटी नहीं. परिजनों ने थाना में गुमशुदुगी दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग को 17 फरवरी 2025 को छतरपुर जिले के एक गांव से दस्तयाब किया. नाबालिग को भगा ले जाने वाले आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया.

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पीड़िता को आरोपी के ही घर भेजा

नाबालिग को बाल कल्याण समिति पन्ना के समक्ष प्रस्तुत किया गया. बाल कल्याण समिति ने अस्थाई आश्रय के लिए वन स्टॉप सेंटर पन्ना भेज दिया. बताया गया कि बच्ची के परिवार वाले उससे नाराज थे. इस कारण उन्होंने अपने साथ ले जाने से मना कर दिया. इसलिए उसे महिला बाल विकास की समिति और वन स्टॉप सेंटर को सौंप दिया. इसी बीच बाल कल्याण समिति ने 29 मार्च 2025 को पीड़िता को आरोपी के घर भेज दिया.

जनसुनवाई में मामला पहुंचने से हड़कंप

कुछ दिनों बाद नाबालिग के परिजनों ने बेटी को सुपुर्द करने कलेक्ट्रेट पन्ना जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई. कलेक्टर ने शिकायत को संज्ञान में लेकर बाल कल्याण समिति को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने निर्देश दिए. गलत और मनमाने निर्णय का खुलासा न हो, इसलिए नाबालिग को 29 अप्रैल 2025 को दोबारा वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया. वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग में खुलासा हुआ कि उसके साथ कई बार दुष्कर्म हुआ.

एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश

इस मामले में छतरपुर पुलिस ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भानुप्रताप जड़िया पिता मनीराम जड़िया निवासी किशोरगंज पन्ना, सदस्य अंजली भदौरिया पति योगेंद्र भदौरिया निवासी सिविल लाइन पन्ना, आशीष बॉस पिता एनएन बॉस निवासी सिविल लाइन पन्ना, सुदीप श्रीवास्तव पिता सरमन लाल श्रीवास्तव निवासी किशोरगंज पन्ना और प्रमोद कुमार सिंह पिता मोहन सिंह निवासी ललार जिला पन्ना के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 17 के तहत कायमी की है. छतरपुर पुलिस ने आशीष बॉस को गिरफ्तार किया है. बाकी आरोपियों के घर पुलिस ने दबिश दी जा रही है.

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इनके खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस

इसके अलावा वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक कविता पाण्डेय, काउंसलर प्रियंका सिंह, केस वर्कर शिवानी शर्मा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत अपराध कायम किया गया है. जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अवधेश सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21, एससीएसटी एक्ट की धारा 4, बीएनएस की धारा 199, 239 सहित एक अन्य महिला अंजली कुशवाहा के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 82 के तहत अपराध दर्ज किया गया है.

इस मामले में लवकश नगर SDOP नवीन दुबे ने बताया "मामले को गंभीरता से लेते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पहली गिरफ्तारी महिला बाल कल्याण समिति के सदस्य आशीष बॉस की हुई है. उसे जेल भेज दिया गया है. बाकी सदस्य अभी फरार हैं. जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा."

 

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