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CG : दरिमा में 35 ग्रामीणों ने सीखा राजमिस्त्री एवं रानी मिस्त्री का हुनर

By kadwaghut|02 Sep 2025, 11:16 AM
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व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ेगी कार्यकुशलता, गांव में मिलेगा रोजगार: कलेक्टर

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रायपुर,

व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ेगी कार्यकुशलता, गांव में मिलेगा रोजगार: कलेक्टर

ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अंबिकापुर के दरिमा ग्राम पंचायत में जिला प्रशासन एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के संयुक्त तत्वावधान में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में 16 महिलाओं को रानी मिस्त्री तथा 19 पुरुषों को राजमिस्त्री का कौशल सिखाया गया। कुल 35 प्रतिभागियों ने व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान अर्जित किया।

प्रशिक्षण सत्र के समापन समारोह में कलेक्टर विलास भोसकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार, अग्रणी बैंक प्रबंधक विकास यादव, सेंट्रल बैंक के रिजनल हेड रणधीर सिंह, आरसेटी डायरेक्टर श्याम किशोर गुप्ता, जनपद पंचायत सीईओ राजेश सेंगर, साक्षर भारत जिला परियोजना अधिकारी गिरीश गुप्ता एवं प्रशिक्षण समन्वयक तमना निशा भी उपस्थित रहीं।

कलेक्टर भोसकर ने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव और सीखी गई तकनीकों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण से कार्यकुशलता में निखार आता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। काम की गुणवत्ता में सुधार होता है और गति भी बढ़ती है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पंचायतों में सर्वाधिक आवास स्वीकृत हुए हैं, जिन्हें समय पर पूर्ण करना अब आपकी जिम्मेदारी है। यह प्रशिक्षण आपको केवल श्रमिक नहीं, बल्कि कुशल मिस्त्री बनाता है। इससे गांव में पर्याप्त कार्य एवं सम्मानजनक आय का अवसर प्राप्त होगा।

प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि पहले वे सामान्य मजदूरी करते थे, किंतु प्रशिक्षण के बाद नाप-जोख, ईंट चिनाई, प्लास्टरिंग, लेवलिंग, लेआउट तथा भवन निर्माण की नई तकनीकों में दक्षता हासिल की है। अब वे आत्मविश्वास के साथ स्वयं को कुशल राजमिस्त्री के रूप में पहचान सकते हैं। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को भवन निर्माण कार्य हेतु आवश्यक टूल किट भी वितरित किए गए। ग्रामीण अब अपने अर्जित कौशल का उपयोग स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों में करेंगे, जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध होगा और गांव की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों को आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

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