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Rajnandgaon: नाला में बहे युवक की लाश मिली…

By kadwaghut|01 Sep 2025, 9:03 PM
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Rajnandgaon: नाला में बहे युवक की लाश मिली…

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देर रात तक युवक की खोज – बिन के बाद रेस्क्यू टीम को सुबह सफलता मिली
घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण,परिजन परेशान

डोंगरगढ़/ बेलगांव। मोहारा मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम कोलेंद्रा – ठाकुर टोला के मध्य स्थित नाला में अचानक आई बाढ़ से, मार्ग में बने स्टॉप डैम कम रपटा को पार करते समय युवक के बह जाने से उसके खोजबीन में पूरा गांव इकट्ठा हो गया। किंतु देर रात तक युवक का पता नहीं चल पाया। पूरी रात परिजन परेशान रहे। प्रशासन की ओर से तैनाद रेस्क्यू टीम को सुबह झाड़ियां में फंसे युवक की बॉडी मिली।

ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार,शनिवार शाम को हुई तेज बारिश और डंगोरा डैम में चल रहे उलट के कारण नाला में अचानक बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। ग्राम कोलेंद्रा निवासी मिथिलेश वर्मा पिता शिवप्रसाद वर्मा उम्र 35 वर्ष किसी काम से खैरागढ़ गया था। युवक ठाकुर टोला होते हुए अपने घर पैदल नाला पार करते हुए जा रहा था। तभी युवक का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव वाले पानी की चपेट मैं आकर नीचे गिर गया। नीचे गिरने के बाद युवक लापता हो गया । गांव वालों ने बताया कि स्टॉप डैम कम रपटा में सात गेट लगे हुए हैं।जिसमें से मात्र चार गेट ही खुले हैं। बाकी गेट खराब हो चुके हैं। जिसे विभाग द्वारा मरम्मत नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि,अगर सभी गेट खुले रहते तो पानी पुलिया के ऊपर नहीं आता। घटना स्थल पर 112 एवं मोहरा पुलिस की टीम पहुंच चुकी थी।

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प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधियों की लापरवाही ने ली युवक की जान –

सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित स्टाफ डैम कम रपटा का निर्माण वर्षों पूर्व किया गया था।किंतु आवश्यक मरम्मत कार्य नहीं किए जाने के कारण इसके अनेक गेट क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद हो गए थे। इसके अलावा सिंचाई विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी द्वारा अन्य गेटों को खोला नहीं गया था। इसके कारण पानी का जलस्तर बढ़ गया और पानी रपटा (पुल) के ऊपर से होकर बहने लगा। सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित इस रपटा(पुल) का उपयोग बेलगांव से मोहरा जाने वाले ग्रामीण वर्षों से करते आ रहे हैं।

अत्यधिक सकरे इस मार्ग से हमेशा नाला में गिरने का खतरा सामान्य दिनों में भी बना रहता है। मार्ग सकरा होने एवं मार्ग के दोनों और रेलिंग नहीं लगने के कारण आने-जाने वाले ग्रामीणों को नाले में गिरने का भय हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि ,सिचाई विभाग का ये स्टॉप डेम (रपटा ) का गेट अगस्त महीने मे क्यों बंद रखा गया। अगर गेट खुला होता तो ऊपर से पानी नहीं बहता और आज एक युवक की मौत नहीं होती।

बेलगांव से मोहरा के बीच स्थित ग्रामों में अत्यधिक वर्षा होने के कारण अनेक घटनाएं घट चुकी है। कुछ दिन पूर्व कोलेंद्रा – ठाकुर टोला मार्ग में बने एक अन्य पुल के धराशाई हो जाने एवं नाले का पानी गांव में घुस जाने से अनेक मकान क्षतिग्रस्त हुए थे।

एवं अनेक किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा था। दोनों ही घटना के समय क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों का पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट नहीं करना, गैर जिम्मेदारना कृत्य के रूप में देखा जा रहा है। विधायक श्रीमती हर्षिका स्वामी बघेल ने दोनों ही घटनाक्रम को संज्ञान में लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा किसी भी जनप्रतिनिधि ने इतने बड़े घटनाक्रम को संज्ञान में नहीं लिया। ग्रामीणों को प्रभावहीन पंचायत प्रतिनिधियों के भरोसे छोड़ दिया गया। इससे ग्रामीणों में अत्यधिक आक्रोश व्याप्त है।

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