कोरोना संक्रमण की नई आहट ने कोरोना से बचाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में इस्तेमाल होने वाली खास दवाओं की खपत बढ़ा दी है। सिर्फ देहरादून जिले में ही पिछले एक सप्ताह में ही बाजार में इन दवाओं की थोक बिक्री लगभग 40 प्रतिशत बढ़ी है, जिनमें निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों पर बिकने वाला आंकड़ा भी शामिल है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में भी इन दवाओं की खपत बढ़ गई है।
कोरोना काल में बुखार, पेट में कीड़े मारने, मलेरिया की दवा व एंटीबायोटिक के अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं का डॉक्टरों की सलाह पर लोगों ने खूब इस्तेमाल किया। कोई व्यक्ति इन दवाओं का अधिक या गलत तरीके से इस्तेमाल न करे, इसके लिए बाकायदा प्रशासन ने बिना डॉक्टर के पर्चे के इन दवाओं की खुदरा बिक्री पर रोक लगा दी थी।
देश के विभिन्न राज्यों समेत देहरादून में भी फिर तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के प्रसार ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक बड़ी आबादी को अभी कोरोना का टीका नहीं लग पाया है। इसके चलते कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण होने पर लोग कोरोना की संभावना के मद्देनजर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जिस पर डॉक्टर मरीजों को बुखार, एंटीबायोटिक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने वाले दवाएं लिख रहे हैं। ऐसे में इन दवाओं की खपत बढ़ गई है।