advertisement
मध्य प्रदेश

दुकानों पर कालाबाजारी और मिलावट की जानकारी देने वालों को अयोध्या राम मंदिर जाने का सुनहरा मौका

इंदौर
 इंदौर में भिक्षावृत्ति की सूचना देने पर जिला प्रशासन की तरफ से इनाम की घोषणा के बाद अब राशन दुकानों पर कालाबाजारी और मिलावट आदि की जानकारी देने वालों को अब अयोध्या के राम मंदिर जाने का मौका मिलेगा. साथ उन्हें वहां रहने और खाने की सुविधा भी दी जाएगी. जबकि नकद पुरस्कार चाहने वालों को 1100 से 2100 रुपये तक दिए जाएंगे. इंदौर नगर निगम परिषद में गरीबी उपशमन विभाग के प्रमुख मनीष शर्मा ने यह घोषणा की है.

अब तक 40 से ज्यादा अनाज व्यापारियों के खिलाफ दर्ज की गई है एफआईआर

जानकारी के मुताबिक इंदौर में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जरूरतमंद हितग्राहियों को राशन की दुकान से मिलने वाला अनाज खुले बाजार में व्यापारियों को बेच दिया जाता है. इसकी धर पकड़ के लिए अभियान चलाकर अब तक 40 से ज्यादा अनाज व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. इसके अलावा कुछ व्यापारियों के खिलाफ रासुका के तहत भी कार्रवाई की गई है.

हालांकि अब भी बड़े पैमाने पर या तो राशन की दुकान संचालक सरकारी अनाज को बेच देते हैं. ऐसे तमाम मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए इंदौर नगर निगम के एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा उर्फ मामा ने ऐसे मामलों की सूचना देने वालों के लिए बाकायदा पुरस्कार देने की घोषणा की है.

अयोध्या की फ्री टिकट के साथ ही रहने-खाने की निशुल्क होगी व्यवस्था

एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा के मुताबिक "शहर में अब कोई भी राशन माफिया को पकड़ता है या उन्हें अनाज की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार की सूचना देता है तो उन्हें अयोध्या जाकर तीर्थ यात्रा करने का फ्री टिकट और रहने-खाने की व्यवस्था की जाएगी. जबकि नकद राशि चाहने वालों को 1100 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा. जबकि बड़े मामलों में पुरस्कार की यह राशि 2100 रुपए होगी."

दरअसल यह पहला मामला है जब शहर में राशन माफिया के खिलाफ धरपकड़ और कार्रवाई को लेकर निजी तौर पर किसी पुरस्कार के तौर पर तीर्थ यात्रा करने की घोषणा की गई हो. इसे लेकर मनीष शर्मा का मानना है "सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अनाज लोगों के निजी उपयोग के लिए है लेकिन कई राशन दुकानदार इसे वापस खरीद कर राशन माफिया को बेच देते हैं. बाजार में राशन कार्ड के आधार पर लिया गया चावल 15 से 17 रुपए किलो तक बेच दिया जाता है जो केंद्र सरकार और शासन की गरीबी उपशमन योजना के खिलाफ है."

गुजरात महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों में जा रहा राशन का अनाज

दरअसल इंदौर में बीते कुछ सालों में ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गेहूं या चावल शहर में किराए के गोदाम या अन्य स्थानों पर चोरी छुपे रखा गया था. छापेमारी की कार्रवाई में गेहूं और चावल के हजारों कट्टे बरामद हुए हैं. जिसको देखते हुए खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई का फैसला किया है. बीते दिनों अरविंदो कॉलेज के पास एक गोदाम में छापे की कार्रवाई के दौरान एक वाहन और 800 कट्टे बरामद हुए लेकिन कोई उस पर दावा करने नहीं आया.

Advotisment

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button