रायपुर। उच्च शिक्षा विभाग में 18 लाख के पेट्रोल घोटाले में के आरोप में निलंबित ग्रेड 2 लिपिक. आकाश श्रीवास्तव भोपाल से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकार ने पूर्व क्षेत्रीय अपर संचालक रहे डॉ सीएल देवांगन को निलंबित कर दिया है। उन्हे पेट्रोल घोटाले में संलिप्तता पाए जाने के आरोप में निलंबित किया गया है। वे पांच दिन बाद 29 मार्च को रिटायर हो रहे हैं। वैसे बता दें कि डॉ देवांगन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से आकाश श्रीवास्तव ही इस पूरे मामले में पूरी तरह से इन्वाल्व रहा है। जिसमें सरकारी गाड़ियों के पेट्रोल के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया गया। हावांकि पहले ही मुख्य आरोपी बाबू आकाश श्रीवास्तव निलंबित करने के साथ उस पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज है। उसके बाद से वह फरार हो गया था जिसे पकड़ लिया गया है। अब इस मामले में विभाग और भी दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी में है।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि अपर संचालक की गाड़ी बिना चले ही छह महीने में छह लाख रुपये का पेट्रोल “खर्च” कर दिया गया। यह पूरा खेल कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 बाबू आकाश श्रीवास्तव के जरिए खेला गया।विभाग में चार कर्मचारियों को दस महीने तक हर माह 10-10 हजार रुपये वेतन के नाम पर निकाले गए, जबकि ये कर्मचारी कभी कार्यालय में पदस्थ ही नहीं थे। इस फर्जीवाड़े में शामिल नाम देवकुमार वर्मा, अजय टंडन, भूपेंद्र वर्मा और खिलावन जोशी हैं।