▶️ लॉकडाउन में लोगों के पास खाने के पड़े लाले कहां से देंगे पूरे फीश
राजनांदगांव । भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष परवेज अहमद पप्पू ने कहा कि कोविड-19 में लगातार लॉकडाउन का दंस झेल रहे छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित राजनांदगांव शहर के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पास रोजी-रोटी के अलावा खाने-पीने की चिंता सता रही है इस स्थिति में निजी स्कूलों द्वारा पलकों पर लगातार फिश पटाने का दबाव बनाया जा रहा है जिसे लेकर हाई कोर्ट ने बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए कहा है कि बच्चों के पालकों से ट्यूशन फीस ही लिया जाए जिससे बच्चों के पालकों को कुछ राहत मिल सके लेकिन राजनांदगांव शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित निजी स्कूलों के द्वारा बच्चों को ऑनलाइन क्लास से वंचित किया जा रहा है जबकि हाई कोर्ट के आदेश में स्पष्ट उल्लेखित किया गया है कि बच्चों के पालकों से ट्यूशन फीस लिया जाए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निजी स्कूलों के द्वारा बच्चों के पलकों से ट्यूशन फीस के नाम पर पूरा फीस लिया जा रहा है फीस नहीं देने की दशा में बच्चों को ऑनलाइन क्लास से वंचित किया जा रहा है ।
जिससे बच्चों के भविष्य के ऊपर खतरा मंडरा रहा है और वहीं राज्य सरकार ने भी सभी सरकारी व निजी स्कूलों को आदेश किया है कि किसी भी बच्चों को ऑनलाइन क्लास से वंचित नहीं किया जाएगा। लेकिन निजी स्कूलों के द्वारा आदेशों का पालन नहीं हो रहा है और बच्चों के पलकों से ट्यूशन फीस के नाम पर मोटी रकम लिया जा रहा है फिर भी शिक्षा विभाग के द्वारा ऐसे निजी स्कूलों पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं किया गया है । और पूरे इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मुख दर्शक बनकर बैठी है।
श्री अहमद ने आगे बच्चों की भविष्य की चिंता करते हुए कहा है कि बच्चों को ऑनलाइन क्लास से वंचित करने वाले ऐसे समस्त निजी स्कूलों हेतु आवश्यक व दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है । कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 09 के जिला पंचायत सदस्य राजेश श्यामकर मुख्य रूप से उपस्थित थे ।