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छत्तीसगढ़दन्तेवाड़ा जिला (दक्षिण बस्तर)

आइसोलेट होगा बेंगपाल गांव

दन्तेवाड़ा -किरंदुल थाना क्षेत्र के ग्राम बेंगपाल के 83 लोग कोरोना लॉकडाउन पीरियड में आंध्रप्रदेश से लौटे हैं। इनमें से किसी में भी कोरोना के लक्षण नजर नहीं आए हैं, बावजूद इन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होम आइसोलेट किया गया है। जरूरत पड़ी तो पूरे गांव को आइसोलेट किया जा सकता है। ग्रामीण प्रशासन को बिना सूचना दिए ही शुक्रवार-शनिवार को अपने परिवार के पास पहुंच चुके थे जबकि प्रशासन को वहां पहुंचने में दो दिन का समय लग गया।

किरंदुल के ग्राम पंचायत गुमियापाल के आश्रित गांव बेंगपाल के सभी ग्रामीणों को आइसोलेट किया जा सकता है। 350 की जनसंख्या वाले इस गांव के 83 लोग आंध्रप्रदेश से लौटकर बिना स्वास्थ्य परीक्षण के परिवार के साथ घुल-मिल गए हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि पूरे गांव के स्वास्थ्य परीक्षण और आइसोलेशन की जरूरत है।

उल्लेखनीय है मानसून के बाद इलाके के ग्रामीण मिर्ची तोड़ने सहित बोरिंग वाहन और दीगर काम के लिए दक्षिण भारत के राज्यों की ओर पलायन करते हैं। ये लोग दोबारा मानसून पूर्व लौटते हैं। बताया जा रहा है 350 की आबादी वाले गांव से करीब 100 लोग मजदूरी के लिए गए थेइनमें से 83 तो लौट आए हैं, शेष अभी आंध्रप्रदेश के गन्नावरम में ही हैं। गांव में लौटे लोग परिजनों से मिल तो गए हैं लेकिन इनमें से किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि अगर वायरस पाया गया तो वह पूरे गांव को संक्रमित कर सकता है। पूरे गांव को आइसोलेट करने पर भी विचार किया जा रहा है। जिन 83 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ है, वर्तमान में उन्हें कोरोना वायरस लक्षण से मुक्त बताया गया है।

बेंगपाल मलांगिर नदी के उस पार पहाड़ी पर बसा गांव है। वहां पहुंचना आसान नहीं है। स्वास्थ्य टीम को भी बेंगपाल पहुंचने में घंटों लग गया। करीब 30 किमी की दूरी में टीम को 10 किमी पैदल चलना पड़ा। बताया गया कि आंध्रप्रदेश से लौटे ग्रामीण शुक्रवार और शनिवार को गांव पहुंच गए थे।

स्वास्थ्य अमला रविवार दोपहर को गांव पहुंचा। ग्रामीणों की खोज खबर ली और स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान 83 लोगों के आंध्रप्रदेश से लौटना बताते स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। बेंगपाल पहुंची टीम में डॉ संतोष भंवरी के साथ स्वास्थ्य कार्यकर्ता राजेश बेहरा, कमलेश भुआर्य, नीरज साहू, रत्ना बंसोड़, नैना कश्यप, रिकेश कुमार के अलावा आदिवासी समाज के युवा शंकर कुंजाम, नंदा कुंजाम, मंगल कुंजाम, तुलसी ठाकुर, धीरज राणा, पंचायत सचिव सुनील भास्कर आदि शामिल थे।

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