छत्तीसगढ़

माओवादियों का गढ़ रहे तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल

By Admin|05 May 2026, 7:51 PM
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रायपुर

विकासखंड उसूर का अतिसंवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। जिला मुख्यालय से लगभग 80 किमी दूर स्थित ग्राम तर्रेम में अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ा है।

राज्य सरकार की पहल से क्षेत्र में पहुंच आसान हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार संभव हुआ। आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम में प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों की ओपीडी, सुरक्षित प्रसव सेवाएं तथा लैब जांच की सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन, स्वच्छता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और 102 व 108 एम्बुलेंस सेवाओं के प्रभावी संचालन के साथ आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है।

कलेक्टर  संबित मिश्रा के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी के नेतृत्व में आकांक्षी विकासखंड उसूर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक NQAS प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 फरवरी 2026 से वर्चुअल मूल्यांकन किया गया जिसमें 12 सेवाओं के आधार पर कुल 88.19ः अंक प्राप्त हुए। मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ सीएचओ, आरएचओ महिला एवं पुरुष से राष्ट्रीय कार्यक्रमों और ग्रामीणों को दी जा रही सेवाओं पर विस्तार से जानकारी ली गई, जिसमें सभी कर्मी सफल रहे।
इस उपलब्धि में जिला कार्यक्रम प्रबंधक  वरुण साहू, नर्सिंग ऑफिसर मानसी ताटपल्ली, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश ठाकुर, सेक्टर प्रभारी डॉ शिवा गौरी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक श्रवण नेताम, डाटा प्रबंधक निरंजन भोई सहित समस्त स्वास्थ्य स्टाफ, सीएचओ, आरएचओ, एएनएम एवं मितानिनों का विशेष योगदान रहा।

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