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विकसित समाज वही, जहां देश के विकास में हो दिव्यांगजनों की बराबर भागीदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

By Admin|25 Apr 2026, 8:16 PM
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भोपाल.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगता का अर्थ दुर्बलता कतई नहीं है। शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं, इच्छाशक्ति से आती है। परमेश्वर ने दिव्यांगजनों को विशेष गुण देकर औरों से सशक्त बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक सच्चा विकसित समाज वही है, जहां दिव्यांगजन सिर्फ़ सहानुभूति के नहीं, वरन् देश के विकास में बराबरी, सम्मान, समान हक और अवसरों के अधिकारी हों। दिव्यांगजनों के अधिकारों और अवसरों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग, दिव्य शक्ति के दिव्य अंश हैं। देश की प्रगति के अभिन्न अंग भी हैं। हम अपनी पूरी संवेदनाओं के साथ दिव्यांगजनों के हितों के प्रति संवेदनशील हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र, शासकीय नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण, हर विभाग में समान अवसर के लिए पृथक प्रकोष्ठ (सेल), सार्वजनिक एवं शासकीय भवनों में सहज और सुगम आवागमन के लिए रैंप, वॉशरूम्स का इंतजाम, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जरूरत के मुताबिक सहायक उपकरणों का वितरण, सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए विवाह प्रोत्साहन जैसी अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को वर्ग-1 के समान हर महीने 18 हजार रुपये मानदेय देने का निर्णय लिया है। दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हमने टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की है। प्रदेश में दिव्य मेलों का आयोजन कर दिव्यांगजनों को उनकी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नज़र का नहीं, नज़रिए का कमाल होता है। जो अपनी कमी को भी ताकत बना लेता है, वही संसार में नया इतिहास रचता है। हमारे समाज में ऐसे अनेक दिव्यांगजन हुए हैं, जिन्होंने कवि, टीकाकार, लेखक, वैज्ञानिक, व्यवसायी, उद्यमी, शिक्षक, कलाकार और विचारक बनकर समाज में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सशक्तिकरण के लिए कृत संकल्पित है। राज्य में विभिन्न संस्थानों के माध्यम से संकेत भाषा प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर काम हो रहा है। दिव्यांगजनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए समाज की भागीदारी से एक व्यापक रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है और हमारी सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगता से जुड़े विषयों के अध्ययन-अध्यापन, शोध एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों के लिए भोपाल शहर देश के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां दिव्यांगजनों के हितार्थ नई नीतियां भी बन रही हैं और उन्हें धरातल पर भी उतारा जा रहा है। विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास के क्षेत्र में सीहोर शहर में NIMHR जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम देश को दिव्यांगजन कल्याण की नई दिशा भी दे रहे हैं। देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी दिव्यांगजनों के समावेशन और सशक्तिकरण के लिए इको-सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है। सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण हो, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास या खेल प्रशिक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश के कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर के संस्थान भी पूरे समर्पण से काम कर रहे हैं। दिव्यांगजनों की देखभाल करने वालों के कल्याण और उनके मानसिक स्वास्थ्य की ओर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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दिव्यांगजनों के बाधारहित जीवन के लिए राज्य सरकार द्वारा बीते 2 सालों में किए गए प्रमुख कार्य
प्रदेश में सभी शासकीय एवं अशासकीय राज्य अनुदान प्राप्त विशेष विद्यालयों के 3 कक्षों को स्मार्ट क्लास के रूप में तैयार कर कुल 168 स्मार्ट क्लास तैयार किये गए।
प्रदेश में श्रवणबाधित दिव्यांगजनों की संवाद संबंधी कठिनाईयों को दूर करने के लिए लाईव इंटरप्रिटर की सुविधा QR Code के माध्यम से प्रारंभ की गई है।
दिव्यांगजनों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन एवं दिव्यांगजनों की विभिन्न कठिनाईयों/समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाईन नं (1800-233-4397) का संचालन किया जा रहा है।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 एवं नियम 2017 पर दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल लिपि में बुकलेट तैयार की गई।
दिव्यांगजनों को विशेष भर्ती अभियान के तहत गत वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश के सभी विभागों द्वारा अक्टूबर 2025 तक लगभग 2589 दिव्यांगजनों को शासकीय पदों पर नियुक्ति पत्र दिए गए।
दिव्यांगजन अधिनियम-2016 अनुसार, निराश्रित निधि से दिव्यांगजन खेल प्रोत्साहन लक्ष्य अन्तर्गत श्री सतेन्द्र लोहिया एवं श्री रामबरन पाल, प्रत्येक को इंग्लिश चैनल स्विमिंग प्रतियोगिता के लिए 5-5 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई।
प्रदेश में 1 से 18 वर्ष के दिव्यांगजनों के पहली बार चिन्हांकन के लिए स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह सहायता योजनांतर्गत कुल एक लाख 52 हजार 353 हितग्राहियों को कुल 83844.39 लाख रुपये सहायता राशि दी गई।
मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना में 1 हजार 620 कल्याणियों को 3 हजार 240 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई।
मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान: 2025 के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में चिंहित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण वितरण के लिए राशि 6 करोड़ 52 लाख 45 हजार रुपये भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम संस्थान को  गई।
नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के सभी जिलों से कुल 570 मास्टर ट्रेनर्स का 2 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल में किया गया।
प्रदेश में नशा मुक्ति का वातावरण तैयार करने के लिए युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं आमजन में नशामुक्ति जनजागरूकता के लिए नशामुक्त्ति पर आधारित 4 वीडियो बनाये गये।
नशे से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार के लिए व्यसन उपचार केन्द्र (ATF – Addiction Treatment Facility) प्रदेश के 10 जिला चिकित्सालयों/मेडिकल कॉलेजेस में संचालित किए गए।
''विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्र" अंतर्गत देशव्यापी कार्यक्रम MyGov.in पोर्टल पर e-Pledge (नशामुक्ति संकल्प) में मध्यप्रदेश की सर्वाधिक 33 प्रतिशत (46236) की भागीदारी रही।
दिसम्बर 2023 से अक्टूबर 2025 के दरमियान प्रदेश में एक लाख 58 हजार 297 दिव्यांगजनों के UDID कार्ड बनाये गये।

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