छत्तीसगढ़

देवजी के बाद बड़ा झटका: 124 माओवादी करेंगे सरेंडर, संगठन की सैन्य इकाई लगभग ध्वस्त

By Admin|07 Mar 2026, 4:06 PM
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जगदलपुर. 
तेलंगाना में शनिवार को होने जा रहा 124 माओवादियों का सामूहिक समर्पण वाम उग्रवाद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। माओवादी सैन्य प्रमुख थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रभारी मल्लाजी रेड्डी के नेतृत्व में यह समर्पण शाम चार बजे मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के सामने होगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक समर्पण करने वालों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) से जुड़े कई सक्रिय कैडर शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस समर्पण के साथ ही माओवादी संगठन की सैन्य इकाई लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। दरअसल माओवादियों की सक्रिय और संगठित सैन्य संरचना अब केवल दंडकारण्य क्षेत्र तक सीमित रह गई थी।

देवा भी समर्पण कर चुका है
सूत्रों के अनुसार माओवादियों की इकलौती सक्रिय बटालियन भी इसी इलाके में संचालित हो रही थी, जिसका प्रभारी हाल ही में मारा गया कुख्यात कमांडर माड़वी हिड़मा और कमांडर बा देवा था। इस बटालियन को संगठन की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई माना जाता था। यह छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा से लगे जंगलों में सक्रिय रहती थी। बड़ी संख्या में कैडरों के समर्पण के बाद इस बटालियन की संरचना भी लगभग समाप्त मानी जा रही है। हिड़मा के मारे जाने के बाद देवा भी समर्पण कर चुका है। हाल के महीनों में संगठन के शीर्ष नेता देवजी और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रभारी मल्ला राजी रेड्डी और तेलंगाना के प्रभारी दामोदर के आत्मसमर्पण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद कैडरों में भी संगठन छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ी है।

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माओवादी संगठन का ढांचा तेजी से कमजोर पड़ रहा
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार सुरक्षा अभियानों, मजबूत खुफिया नेटवर्क और पुनर्वास नीति के कारण माओवादी संगठन का ढांचा तेजी से कमजोर पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह सामूहिक समर्पण दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन के घटते प्रभाव का संकेत है। आने वाले समय में और भी कैडरों के मुख्यधारा में लौटने की संभावना जताई जा रही है।

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