CG : अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, बिना अनुमति बन रहे 4 भवनों पर चला बुलडोजर …
रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे “टीम प्रहरी” अभियान के तहत जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार निर्माणाधीन भवनों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई नगर निगम के जोन-5 क्षेत्र अंतर्गत चंगोराभाठा स्थित पवार भवन के पीछे की गई, जहां बिना अनुमति भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित भवनों का निर्माण आवश्यक स्वीकृति और अनुमति के बिना किया जा रहा था। इसके बाद नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान थ्रीडी मशीन की सहायता से भवनों में निर्मित दीवारें, कॉलम, बीम, छज्जे और अन्य अवैध संरचनाओं को तोड़ा गया।
यह अभियान रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर संचालित किया गया। वहीं नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य शहर में अनियोजित और अवैध निर्माणों पर रोक लगाना तथा निर्माण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। कार्रवाई के दौरान नगर निगम जोन-5 के जोन कमिश्नर खीरसागर नायक के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम मौजूद रही। इस टीम में कार्यपालन अभियंता लाल महेंद्र प्रताप सिंह, नगर निवेश विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नागेश रामटेके और उप अभियंता टिकेंद्र चंद्राकर शामिल थे।
नगर निगम, नगर निवेश विभाग, उड़नदस्ता दल और यातायात पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने पहले निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं था और इसके लिए आवश्यक अनुमति भी प्राप्त नहीं की गई थी। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि शहर में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिन भवनों का निर्माण बिना अनुमति या निर्धारित मानकों के विपरीत किया जा रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भवन निर्माणकर्ताओं और भू-स्वामियों से अपील की है कि वे निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां और नक्शा अनुमोदन जरूर प्राप्त करें।
नगर निगम का कहना है कि “टीम प्रहरी” अभियान के तहत आने वाले दिनों में भी ऐसे निर्माणों की जांच जारी रहेगी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध निर्माणों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि शहरी विकास नियमानुसार हो सके और भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणकर्ताओं के खिलाफ केवल ध्वस्तीकरण ही नहीं, बल्कि नियमानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई को राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।



