
Rajnandgaon: जिला शिक्षा अधिकारी का आकस्मिक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
निर्देशों का पालन न करने वाले प्राचार्यों का दिसंबर 2025 का वेतन रोका
बेहतर कार्य करने वाली शालाओं को किया गया प्रोत्साहित
राजनांदगांव. कलेक्टर जितेंद्र यादव एवं सीईओ जिला पंचायत सुरुचि सिंह के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास कुमार सिंह बघेल द्वारा जिले की शालाओं में बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के उद्देश्य से लगातार निरीक्षण, बैठकें एवं शैक्षणिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इसके अंतर्गत ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन, ब्लूप्रिंट के आधार पर प्रश्न बैंक का निर्माण कर शालाओं में वितरण किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम बेहतर हो सके।
इसी क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए थे कि अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान परीक्षा उपरांत विद्यार्थियों को कक्षाएँ छोड़ने न दी जाएँ, बल्कि विद्यालय में ही आगामी परीक्षा की तैयारी कराई जाए तथा कठिन विषयों पर चर्चा एवं परामर्श दिया जाए।
यह भी पढे : Rajnandgaon: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का 18 दिसंबर को राजनांदगांव प्रवास
हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा राजनांदगांव विकासखंड के परस बोड, बोरी तिलई एवं ऊपरवाह विद्यालयों का आकस्मिक एवं गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था, जो शासकीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित प्राचार्यों का माह दिसंबर 2025 का वेतन रोके जाने के आदेश जारी किए।
वहीं दूसरी ओर हाई स्कूल खैरझिटी एवं बघेरा विद्यालयों के निरीक्षण में शासन एवं जिला प्रशासन के निर्देशों का बेहतर पालन पाया गया। यहाँ विद्यार्थियों के लिए अर्धवार्षिक परीक्षा के पश्चात अगली परीक्षा एवं बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु नियमित कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था। इस सराहनीय कार्य के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने संस्था प्रमुखों एवं शिक्षकों को प्रोत्साहित किया और बेहतर परिणाम के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करने का आग्रह किया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा परिणाम एवं शिक्षा गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्देशों का पालन न करने वाले संस्था प्रमुखों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।




