
Rajnandgaon: नाबालिग बच्ची ने दिया बच्चे को जन्म, झूठे दस्तावेज़ों से बच्चे को अपना बताने वाला दंपत्ति गिरफ्तार, मासूम बच्चा बरामद
कुमुद मोहबे मेमोरियल अस्पताल से जुड़ा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामला
राजनांदगांव / बोरतलाव | 11 जनवरी 2026. थाना बोरतलाव पुलिस ने नाबालिग बालिका के यौन शोषण से जन्मे नवजात शिशु को अवैध रूप से अपना बच्चा बताकर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वाले दंपत्ति को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर विधिक संरक्षण हेतु बाल विकास समिति, राजनांदगांव के समक्ष प्रस्तुत किया है। गिरफ्तार दंपत्ति को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
पीड़िता की मां द्वारा चौकी चिचोला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग बेटी को गांव के ही एक लड़के ने बहला-फुसला कर शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई। लोकलाज के भय से प्रारंभ में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई और पीड़िता को अपने रिश्तेदार के घर छोड़ दिया गया, जहां बच्चे का जन्म हुआ। जन्म के बाद पीड़िता के चाचा-चाची ने नवजात शिशु को एक जरूरतमंद दंपत्ति को सौंप दिया।
विवेचना में सामने आया कि उक्त दंपत्ति ने बच्चे को अपना बताते हुए कुमुद मोहबे मेमोरियल अस्पताल, राजनांदगांव में इलाज हेतु भर्ती कराया और अस्पताल स्टाफ की जानकारी में नगर निगम को गलत विवरण भेजकर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र नायक एवं एसडीओपी डोंगरगढ़ श्री आशीष कुंजाम के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने अस्पताल से आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। प्रकरण में धारा 62(1), 337, 338, 339 भारतीय न्याय संहिता, धारा 21 पॉक्सो एक्ट तथा धारा 80 किशोर न्याय अधिनियम जोड़ी गई है।
पूछताछ में आरोपी दंपत्ति ने अपना अपराध स्वीकार किया। उनके कब्जे से जन्म प्रमाण पत्र एवं नोटरी शपथ पत्र जप्त किए गए। नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद कर बाल विकास समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
पूर्व में पीड़िता के साथ यौन शोषण करने वाले विधि से संघर्षरत बालक को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। मामले में अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी विधि अनुसार कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक अवनीश कुमार श्रीवास, प्रधान आरक्षक रोहित पड़ौती, आरक्षक वेद प्रकाश रत्नाकर एवं नितिन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह भी पढे़ : Rajnandgaon: “पापा… मैं जम्मू-कश्मीर में हूँ, मुझे घर ले चलो”






